25 साल का पेशा, ट्रक में ही खाना, यूं बन गए फेमस, सेलिब्रिटी यूट्यूबर राजेश हैं बेहद खास
Updated on
09-04-2024 03:01 PM
नई दिल्ली: गूगल से आप पूछे कि जामताड़ा (Jamtara) क्यों प्रसिद्ध है, तो आपको पहला जवाब मिलेगा "साइबर ठगी के लिए कुख्यात है जामताड़ा"। इससे ज्यादा ढूंढे तो आपको बताया जाएगा कि 1970 और 1980 के दशक में जामताड़ा ट्रेन लूट और डकैती के लिए बदनाम था। लेकिन 2004, 2005 में जैसे जैसे देश में मोबाइल फोन का चलन बढ़ा, वहां के अपराधियों ने पैसा कमाने का दूसरा तरीका ढूंढ लिया। यह तरीका है मोबाइल फोन के जरिए ठगी या साइबर क्राइम का। लेकिन इसी जामताड़ा में राजेश रवानी जैसे यूट्यूबर भी जन्मे हैं, जिनका सिर्फ यूट्यूब पर ही 15 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं। प्रसिद्धी उनकी ऐसी कि देश के अग्रणी उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी उनकी तारीफ करते हैं।
कौन हैं राजेश रवानी
झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा के पास बसा है एक छोटा सा कस्बा 'जामताड़ा'। यह कस्बा झारखंड में पड़ता है। इसी कस्बे में यूट्यूबर राजेश रवानी जन्मे हैं। बाद में उनका परिवार रामगढ़ शिफ्ट कर गया। वहां उनके पिता किराये पर रह कर रोजी-रोटी कमाने लगे। परिस्थितियों ने राजेश रवानी को आजीविका के लिए ट्रक चलाने को मजबूर कर दिया। शायद उन्होंने जीवन भर यही किया होता, यदि वह बढ़िया भोजन और यूट्यूब के प्रेमी नहीं होते। वह ट्रक से देश के हर इलाके का भ्रमण तो करते ही हैं, नेपाल-भूटान जैसे देश में भी जाते रहते हैं। ट्रक वाले यात्रा के दौरान लाइन होटल में पेट भरते हैं। लेकिन राजेश अपना भोजन खुद बनाते हैं। वह लजीज व्यंजनों के शौकीन हैं, इसे वह खुद तैयार करते हैं। भोजन बनाते वक्त वह वीडियो बनवाते हैं और उसे यूट्यूब पर डालते हैं।
यूट्यूब से होती है खूब आमदनी
यूट्यूब पर उनके 15 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर हैं। जाहिर है कि उनके हर वीडियों को लाखों व्यूज मिलते है। इससे उनकी आमदनी यूट्यूब से ही खूब होती है। इसी पैसे ने उन्हें किराये के मकान से मुक्ति दिलायी। उन्होंने अपना मकान खरीदा। उनकी जीवन शैली बेहतर हुई। अब तो वह स्टार या सेलिब्रिटी यूट्यूबर बन चुके हैं। हालांकि, पिछले 25 साल से वह ट्रक ही चला रहे हैं।
आनंद महिंद्रा ने भी तारीफ
यूट्यूबर और ट्रक ड्राइवर राजेश रवानी की पिछले दिनों ही महिंद्रा ग्रुप (Mahindra & Mahindra) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने भी तारीफ की है। आनंद महिंद्रा ने इस बात की सराहना की कि 25 साल तक ड्राइवर रहे रवानी अब एक सेलिब्रिटी हैं और उन्होंने एक मकान भी खरीदा है।
खुशी का पारावार नहीं
रवानी ने पिछले दिनों ही Indianexpress.com से बात की। उस दौरान उन्होंने अपना वीडियो साझा करने के लिए महिंद्रा को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा “आज आनंद महिंद्रा सर ने मेरा वीडियो साझा किया है। मैं बहुत खुश हूं कि इतने व्यस्त और प्रसिद्ध व्यक्ति ने मेरे बारे में ट्वीट किया। मुझे खुशी है कि मेरे वीडियो ऐसी हस्तियों तक पहुंच रहे हैं ”। उल्लेखनीय है कि आनंद महिंद्रा ने ट्वीटर या एक्स पर लिखा था "उन्होंने दिखाया है कि चाहे आपकी उम्र कितनी भी हो या आपका पेशा कितना भी मामूली क्यों न हो, नई तकनीक को अपनाने और खुद को नया रूप देने में कभी देर नहीं होती है"।
जामताड़ा में जन्मे, रामगढ़ में रहते हैं
राजेश का जन्म जामताड़ा में हुआ लेकिन बाद में उनका परिवार रामगढ़ शिफ्ट कर गया। वह बताते हैं “मैं हमेशा रामगढ़ में एक किराए के मकान में रहता आया हूं। मेरे पिता भी किराये के मकान में ही रहते थे। मैं उनके प्यार और समर्थन के कारण ही अपना मकान खरीदने में कामयाब हुआ ”। वह बताते हैं कि शुरू में शौकिया तौर पर वह वीडियो बनाते थे। बाद में उनके बच्चों ने उनके वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करना शुरू किया। वह बताते हैं “हम मोटर और यूट्यूब चैनल दोनों एक साथ चला रहे हैं। यह मेरे परिवार के समर्थन और मदद के बिना संभव नहीं हो सकता था। मैं तीन महीने के बाद अपने परिवार के साथ नए घर में जा रहा हूं।''
क्यों ट्रक ड्राइवर बनना पड़ा
रवानी को अपने पिता की मृत्यु के बाद ट्रक-ड्राइविंग जैसे कम इज्जत वाले प्रोफेशन में उतरना पड़ा। अपने पिता के एक दोस्त की मदद से वह ड्राइवर बन गये। इससे उनकी गृहस्थी की गाड़ी तो घिसटने लगी, लेकिन वह ट्रक लेकर जब निकलते थे तो त्योहारों पर अपने परिवार से दूर रहते थे। इसकी भी टीस उनके मन में रहती है। इसके बाद उन्होंने यूट्यूब के लिए अपनी यात्राओं को फिल्माना शुरू किया। बाद में यही उनकी आमदनी का एक बड़ा जरिया बना, जिससे वह अपना मकान खरीदने में कामयाब हुए। वह बताते हैं “जब यूट्यूब मेरे जीवन में आया तो मेरा जीवन बदलना शुरू हो गया। मैं यात्रा के दौरान वीडियो बनाता था और मेरे बच्चे उन्हें यूट्यूब पर अपलोड करते थे''।
दर्शकों को उनका कंटेंट पसंद है
अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए, रवानी कहते हैं कि उनके दर्शकों को उनका कंटेंट पसंद है, क्योंकि उन्हें नई जगहें देखना पसंद है। "वे नई जगहों के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। अपने ब्लॉग्स में भी, मैं यह दिखाने की कोशिश करता हूं कि कैसे ट्रक ड्राइवरों को महीने में केवल एक या दो दिन के लिए ही घर पर रहने का मौका मिलता है। यही कारण है कि लोग नहीं चाहते कि उनके बेटे या अन्य रिश्तेदार इस व्यवसाय में आएं। मुझे ट्रक चलाते हुए लगभग 25-30 साल हो गए हैं।"
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