बिहार के छपरा में जहरीली शराब से अब तक 39 लोगों की मौतें हो गई हैं। 30 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनकी हालत गंभीर है यानी मौतें और बढ़ सकती हैं। जिस मशरक इलाके में घटना हुई है, वहां थानेदार रितेश मिश्रा समेत 2 लोगों को सस्पेंड किया गया है। जांच के लिए SIT बनाई गई है। अब तक 86 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उधर, CM नीतीश कुमार ने कहा है कि जहरीली शराब से शुरू से लोग मरते हैं। सबको अलर्ट रहना चाहिए, क्योंकि जब शराब बंदी है तो खराब शराब मिलेगी ही। जो शराब पियेगा वो मरेगा।
शराब कांड से जुड़े अपडेट्स
साहब- यहां घर-घर दारू मिल रहा है
मशरक में हमने लोगों से बातचीत शुरू की। श्याम ने बताया कि मशरक में पुलिस की मिलीभगत से शराब का धंधा चल रहा है। सप्लायर की सेटिंग की वजह से ही पुलिस चुप थी। घर-घर दारु मिल रहा है। यहां अड्डों की कमी नहीं है। फोन करते ही घर तक शराब पहुंच जाती है। हमारे मोहल्ले में 4 की मौत हुई है।
हम मशरक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर गए, जहां शराब पीने के बाद भर्ती हुए मरीजों का इलाज चल रहा था। हमें पता चला कि जो भर्ती हैं, वो रोज शराब पीते थे। मोहल्ले में ही मिल जाती थी। पहले कभी परेशानी नहीं हुई। सोमवार और मंगलवार को जिसने शराब पी, उसे दिक्कत हुई। एक मरीज बोला स्प्रिट वाली शराब पिला दी थी।
एक हेल्थ वर्कर बोला कि शराब का डिस्ट्रीब्यूटर बहरौली का था। उसी की शराब से लोगों की तबीयत बिगड़ी। वह भी दारु पीने के बाद मर गया। हालत बिगड़ने के बाद उसे घरवाले अस्पताल लाए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।