ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई वैध ठेका था तो...
- ग्रामवासियों को सूचना क्यों नहीं दी गई?
- विभागीय कर्मचारियों को जानकारी क्यों नहीं थी?
- कटाई रात के समय और गुप्त तरीके से क्यों की जा रही थी?
ग्रामीणाें ने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों से देर रात तक जेसीबी से बबूल के पेड़ों की कटाई चल रही थी, जो स्पष्ट रूप से अवैध गतिविधि लगती है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की जानकारी और मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी कटाई संभव नहीं।
वन क्षेत्र में कटाई के बाद ग्रामीणों ने सरकार से रखी मांग
- पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो,
- अवैध कटाई में शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए,
- पेड़ों की कटाई के अनुपात में पौधारोपण किया जाए,
- और विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच कराई जाए।
