नेशनल हाईवे पर बिछेगा सुरंगों का जाल, सफर करने में होगी आसानी, जानें क्या है सरकार का प्लान
Updated on
04-09-2024 11:25 AM
नई दिल्ली: सड़कों पर आवागमन आसान बनाने के लिए देशभर में नेशनल हाईवे पर सुरंगों का जाल बिछाया जाएगा। केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 74 नई सुरंगें बनाने की योजना बना रहा है। इसमें 1 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि इससे नेशनल हाईवे नेटवर्क को मजबूत करने में आसानी होगी। नई सुरंगों का निर्माण आगामी कुछ वर्षों में किया जाएगा। इनकी कुल लंबाई 273 किलोमीटर होगी। नितिन गडकरी ने कहा कि इस समय जिन सुरंगों का निर्माण हो रहा है, उनका नियमित ऑडिट कराया जाएगा।
विदेशी कंपनियों की भागीदारी पर दिया जोर
नितिन गडकरी ने सुरंगों के निर्माण में विदेश कंपनियों की आधी से ज्यादा भागीदारी का समर्थन किया। फिक्की की ओर से आयोजित टनलिंग इंडिया सम्मेलन के दूसरे संस्करण में गडकरी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सुरंगों के निर्माण और कार्य की गुणवत्ता में सुधार के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने वाले संयुक्त उद्यमों में विदेशी भागीदारों या कंपनियों को 51 फीसदी हिस्सेदारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों के लिए 49 फीसदी हिस्सेदारी छोड़ देनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि काम ठीक से हो।
क्वालिटी से समझौता नहीं
गडकरी ने कहा कि सुरंगों के प्रोजेक्ट के लिए टेक्नॉलजी और वित्तीय मापदंड आसान होने चाहिए। हालांकि इसके लिए क्वालिटी से समझौता नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि डीपीआर निर्माता सुरंगों के निर्माण के दौरान निगरानी की कमी के ‘दोषी’ हैं जिसके कारण अक्सर भूस्खलन होता है। यह भूस्खलन भारत में हर साल बढ़ रहा है। गडकरी ने कहा कि उत्तराखंड और दूसरे पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन के मुद्दों से निपटने के लिए एक स्थायी समाधान खोजने की जरूरत है।
लॉजिस्टिक लागत कम करने पर जोर
गडकरी ने लॉजिस्टिक लागत कम करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी लॉजिस्टिक लागत को 9 फीसदी तक कम कर दें तो हमारे निर्यात में 1.5 गुना वृद्धि होगी। आर्थिक शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के मुताबिक भारत में लॉजिस्टिक लागत 2021-22 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 7.8 फीसदी से 8.9 फीसदी के बीच थी।
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