सीबीआई के डायरेक्टर को दो साल के लिए नियुक्त किया गया है, जिसे बढ़ाकर अधिकतम 5 साल किया जा सकता है। नियुक्ति में असहमति नई बात नहीं है। 2017 में भी ऐसा हुआ था जब तत्कालीन दिल्ली पुलिस कमिश्नर आलोक वर्मा को सीबीआई का डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। तब लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि वर्मा का सीबीआई में अनुभव कम है। बाद में 2019 में खरगे ने सीबीआई डायरेक्टर ऋषि शुक्ला की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सिलेक्शन नियमों में ढील दी गई जो कानून और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लंघन है। महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी सुबोध कुमार जायसवाल को मई 2021 में सीबीआई डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र के पूर्व एसीपी राजेंद्र द्विवेदी ने उनकी नियुक्ति को रद्द करने की मांग की थी।
59 साल के सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह जायसवाल के बाद सबसे वरिष्ठ आईपीएस अफसर हैं। सुबोध कुमार जायसवाल के 25 मई को कार्यकाल पूरा करने के बाद सूद पदभार ग्रहण करेंगे। सूद ने IIT दिल्ली, IIM बेंगलुरु और न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। वह 2024 में रिटायर होने वाले थे, लेकिन अब उनका 2 साल का तय कार्यकाल होगा। IPS अधिकारी सूद ने मॉरीशस सरकार के पुलिस सलाहकार के रूप में भी काम किया है।
