पिछले तीन सालों से अशोक और उनकी पत्नी केले के बिस्कुट बना और बेच रहे हैं। हाल ही में उन्हें इसके लिए केंद्र सरकार से पेटेंट मिला है। यह पेटेंट उन्हें दूसरों को उनकी अनुमति के बिना उनके आविष्कार की नकल करने से रोकने का अधिकार देता है। अशोक और उनकी पत्नी अब कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी ये केले के बिस्कुट बेच रहे हैं। थोक बाजार में 400-500 रुपये प्रति किलो और खुदरा बाजार में इससे भी ज्यादा कीमत पर बिकने वाले इन केले के बिस्कुट से दंपति को चार गुना तक मुनाफा हुआ है। आज दंपति एक हफ्ते में 200 से 350 किलो केले के बिस्कुट बेचते हैं। उनकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है।
