'बगावत के पहले ही सब फिक्स'! सीएम बनूंगा जानते थे एकनाथ शिंदे, नितिन देशमुख के दावे से महाराष्ट्र में बवाल
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17-06-2023 06:39 PM
मुंबई: साल 2019 में मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना-बीजेपी गठबंधन टूट गया था और शिवसेना (अविभाजित) ने कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी सरकार की स्थापना की थी। महाविकास अघाड़ी की सरकार में उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे। उद्धव ठाकरे सरकार ने अपना ढाई साल का कार्यकाल पूरा किया था। हालांकि, पिछले साल तत्कालीन शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने समर्थक विधायकों से बगावत कर दी थी। एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को नकारते हुए बीजेपी के साथ गठबंधन किया और एकनाथ शिंदे राज्य के सीएम बने। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ? विधायक सूरत कैसे गए? कब तय हुआ कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री होंगे? महाराष्ट्र की जनता के मन में ऐसे कई सवाल आए जिनका उचित जवाब अभी तक उन्हें नहीं मिला है। फिलहाल इन सब सवालों से जुड़ा हुआ एक इंटरव्यू प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उद्धव ठाकरे गुट के नेता (सचिव) और एक्टर आदेश बांदेकर ने महाराष्ट्र के अकोला-बालापुर के विधायक नितिन देशमुख और धाराशिव (उस्मानाबाद) विधायक कैलास घाडगे-पाटिल का विस्फोटक इंटरव्यू लिया है। इसमें नितिन देशमुख और कैलास पाटिल ने बड़े खुलासे किए हैं। नितिन देशमुख ने कहा कि एक महीने पहले ही सब पता चल गया था।
एक महीने पहले पता चल गया था! उद्धव गुट के विधायक नितिन देशमुख ने इंटरव्यू में दावा किया कि बगावत के एक महीने पहले ही हमें पता चल गया था कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। शायद देवेंद्र फडणवीस को यह बात नहीं पता होगी लेकिन खुद एकनाथ शिंदे ने मुझे बताया था कि मैं मुख्यमंत्री बनने जा रहा हूं। देशमुख ने कहा कि फडणवीस जानते थे कि बगावत और सत्ता का हस्तांतरण होगा लेकिन मुख्यमंत्री कौन होगा यह पता नहीं था।
नितिन देशमुख ने खुलासा किया है कि अमित शाह और एकनाथ शिंदे को ही पता था कि वह मुख्यमंत्री बनेंगे। देवेंद्र फडणवीस मीडिया के सामने कहते हैं कि मैंने एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया। यह बात पूरी तरह से गलत है।
उद्धव ठाकरे के सीएम बनते ही साजिश शुरू हो गई थी विधायक नितिन देशमुख ने कहा कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनते ही छह महीने के भीतर सत्ता परिवर्तन और बगावत की तैयारी शुरू हो गई थी। वहीं विधायक कैलास पाटिल ने कहा कि उद्धव ठाकरे पर विधायकों से न मिलने का आरोप पूरी तरह से गलत है। जब हम पहली बार विधायक बने थे तो वह हमें समय देते थे। यह भी कहना गलत है कि मंत्री भी विधायकों को चर्चा के लिए समय नहीं दे रहे हैं क्योंकि यह मंत्री हर हफ्ते कैबिनेट की बैठक में शामिल होते थे।
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