अमेजन-फ्लिपकार्ट की स्मार्टफोन कंपनियों के साथ मिलीभगत! नियमों को ठेंगा दिखाने का लगा आरोप
Updated on
15-09-2024 02:30 PM
नई दिल्ली: ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट पर सैमसंग, शाओमी और दूसरी कई स्मार्टफोन कंपनियों पर मिलीभगत का आरोप लगा है। यह आरोप भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की ओर से लगाया गया है। सीसीआई के मुताबिक इन स्मार्टफोन कंपनियों ने ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ मिलकर इनकी वेबसाइट पर एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट लॉन्च किए। सीसीआई ने इसे प्रतिस्पर्धा विरोधी कानूनों का उल्लंघन बताया है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने CCI की इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया है। सीसीआई की ओर से की गई जांच में पाया गया कि अमेजन और फ्लिपकार्ट ने चुनिंदा विक्रेताओं को वरीयता देकर कुछ लिस्टिंग को प्राथमिकता दी। साथ ही प्रोडक्ट्स पर भारी छूट देकर स्थानीय प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन किया। इससे अन्य कंपनियों को नुकसान हुआ। इस मामले में रॉयटर्स ने सबसे पहले रिपोर्ट की है। यह रिपोर्ट 9 अगस्त की है जिसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ये लगे ई-कॉमर्स कंपनियों पर आरोप
अमेजन पर सीसीआई की 1027 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक 5 कंपनियों (सैमसंग, शाओमी, मोटोरोला, रियलमी और वनप्लस) की भारतीय इकाइयों ने अमेजन और इसके सहयोगियों के साथ एक्सक्लूसिव फोन लॉन्च किए। यह प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन है। वहीं फ्लिपकार्ट के मामले में सीसीआई ने 1696 पेजों की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें कहा गया है कि सैमसंग, शाओमी, मोटोरोला, वीवो, लेनोवो और रियलमी की भारतीय इकाइयों ने भी एक्सक्लूसिव फोन लॉन्च किए। इस मामले में सैमसंग और शाओमी जैसी कंपनियों को शामिल करने से उनकी कानूनी और अनुपालन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
फ्री एंड फेयर कॉम्पटीशन के खिलाफ
सीसीआई के अतिरिक्त महानिदेशक जीवी शिव प्रसाद ने अमेजन और फ्लिपकार्ट की रिपोर्ट में लिखा है एक्सक्लूसिव बिक्री न सिर्फ फ्री एंड फेयर कॉम्पटशन के खिलाफ है बल्कि उपभोक्ताओं के हित में भी नहीं है। सीसीआई ने यह भी कहा है कि दोनों ई-कॉमर्स कंपनियों ने अपने विदेशी निवेश का इस्तेमाल चुनिंदा विक्रेताओं को सस्ती दरों पर वेयरहाउस और मार्केटिंग जैसी सर्विस दीं।
इंडियन रिटेलर्स ने भी लगाए आरोप
इंडियन रिटेलर्स ने भी इन ई-कॉमर्स कंपनियों पर आरोप लगाए हैं। इन रिटेलर्स का कहना है कि स्मार्टफोन कंपनियां इन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ही एक्सक्लूसिव फोन लॉन्च कर देती हैं। ये रिटेल मार्केट में मौजूद नहीं होते। ग्राहक इन फोन को खरीदने के लिए ऑनलाइन ही जाता है। इससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ता है।
लग सकता है जुर्माना
जानकारों के मुताबिक सीसीआई आने वाले हफ्तों में अमेजन, फ्लिपकार्ट, खुदरा विक्रेता संघ और स्मार्टफोन कंपनियों की ओर से अपने निष्कर्षों पर किसी भी आपत्ति की समीक्षा करेगा। ऐसे में इन ई-कॉमर्स कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही कंपनियों को अपने बिजनस और काम करने के तरीकों को बदलने के लिए भी कह सकता है।
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