5 मिनट में अमेरिका का कर्ज खत्म! कौन है यह शख्स जिसने बनाया खास प्लान? एलन मस्क ने भी किया सपोर्ट
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12-06-2025 02:21 PM
नई दिल्ली: अमेरिका की सरकार लगातार बजट घाटे से जूझ रही है। सरकार हर साल अपनी कमाई से ज्यादा खर्च कर रही है। दोनों पार्टियों की कोशिशों के बावजूद, जून 2025 तक अमेरिका पर कर्ज बढ़कर 33.8 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। और यह कर्ज कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस आर्थिक संकट के बीच, मशहूर निवेशक वॉरेन बफे का एक सुझाव फिर से चर्चा में है। कई बड़े लोग इस सुझाव का समर्थन कर रहे हैं।
साल 2011 में CNBC को दिए एक इंटरव्यू में बफे ने अमेरिका के घाटे को कम करने का एक आसान तरीका बताया था। उन्होंने कहा था, 'मैं 5 मिनट में घाटा खत्म कर सकता हूं। बस एक कानून पास कर दीजिए कि जब भी जीडीपी का 3% से ज्यादा घाटा होगा, तो संसद के सभी सदस्य दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।' यह पुराना इंटरव्यू फिर से वायरल हो गया है। वॉशिंगटन में जवाबदेही को लेकर बहस छिड़ गई है। टेस्ला के CEO और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने भी इस पर अपनी सहमति जताई है।
सीनेटर ने शेयर किया वीडियो
यूटा के सीनेटर माइक ली ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए पूछा, 'क्या आप इस संशोधन का समर्थन करेंगे?' इस पोस्ट पर बहुत से लोगों ने अपनी राय दी। एलन मस्क ने भी इसका समर्थन किया। उन्होंने लिखा, '100%, यही सही तरीका है।' अर्थशास्त्री पीटर शिफ ने भी इस पर अपनी राय दी। उन्होंने ट्वीट किया, 'बफे का प्लान सख्त है, लेकिन शानदार है। कांग्रेस को आखिरकार अपनी आर्थिक गलतियों का एहसास होगा।'
सीनेटर ली सिर्फ ऑनलाइन बातें नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे इस पर काम भी कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं एक संवैधानिक संशोधन का मसौदा तैयार कर रहा हूं। इसके तहत जब भी महंगाई 3% से ज्यादा होगी तो कांग्रेस के सभी सदस्यों को हटा दिया जाएगा। पूरे देश को महंगाई से जूझने से बेहतर है कि नेताओं को अयोग्य ठहरा दिया जाए।' ली का सुझाव बफे के सुझाव से थोड़ा अलग है। ली ने कांग्रेस की योग्यता को महंगाई से जोड़ा है, जबकि बफे ने इसे घाटे से जोड़ा था। हालांकि, दोनों ही चीजें सरकार के खर्च से जुड़ी हुई हैं।
बुरे दौर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था
इस समय अमेरिकी अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है। वित्तीय वर्ष 2024 में, अमेरिका की जीडीपी 28.83 ट्रिलियन डॉलर थी। वहीं, सरकार का खर्च 6.75 ट्रिलियन डॉलर था, जबकि कमाई 4.92 ट्रिलियन डॉलर थी। इस वजह से 1.83 ट्रिलियन डॉलर का घाटा हुआ, जो GDP का 6.3% है। यह बफे के बताए गए 3% के दोगुने से भी ज्यादा है।
कांग्रेसनल बजट ऑफिस का अनुमान है कि साल 2034 तक घाटा बढ़कर 2.6 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा। इसकी वजह है राष्ट्रीय कर्ज पर बढ़ता हुआ ब्याज, जो अब हर साल 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है।
क्यों बढ़ रहा कर्ज?
अर्थशास्त्रियों ने लंबे समय से घाटे और महंगाई के बीच के संबंध के बारे में चेतावनी दी है। नोबेल पुरस्कार विजेता मिल्टन फ्रीडमैन ने कहा था, 'महंगाई की वजह ज्यादा सरकारी खर्च और सरकार द्वारा ज्यादा पैसा छापना है, और कुछ नहीं।' हाल के आंकड़े भी यही बताते हैं। साल 2024 में महंगाई 3.2% तक पहुंच गई, जो फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य से ज्यादा है। इसकी एक वजह सरकार की खर्चीली नीतियां भी हैं।
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