इन गलतियों की वजह से डूबा अनिल अंबानी का साम्राज्य, जानिए अभी क्या कर रही हैं टीना अंबानी, कितनी बची है दौलत
Updated on
07-05-2024 04:52 PM
नई दिल्ली: रिलायंस की नींव धीरूभाई अंबानी ने रखी थी। मुकेश अंबानी साल 1981 और अनिल अंबानी (Anil Ambani) साल 1983 में रिलायंस से जुड़े थे। जुलाई 2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद मुकेश अंबानी को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन बनाया गया। वहीं अनिल अंबानी मैनेजिंग डायरेक्टर बने। कुछ ही सालों में दोनों भाईयों के बीच विवाद शुरू हो गया। मुकेश और अनिल अंबानी ने रिलायंस की जिम्मेदारी संभाली उस वक्त दोनों भाईयों का ज्वाइट नेटवर्थ 2.8 अरब डॉलर था। वहीं साल 2004 में यह 6 अरब डॉलर और साल 2005 में यह बढ़कर 7 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। साल 2005 में दोनों के बीच के रिलायंस के कारोबार का बंटवारा हो गया। अनिल अंबानी के हिस्से में आरकॉम, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस एनर्जी, रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेस जैसी कंपनियां आईं थीं। अनिल अंबानी अपनी गलतियों की वजह से कर्ज के जाल में फंसते चले गए। अनिल अंबानी कर्ज के जाल में फंसते चले गए और उन्होंने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था।
कितनी है टीना अंबानी की नेटवर्थ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीना अंबानी (Tina Ambani) की नेटवर्थ करीब 2331 करोड़ रुपये है। टीना अंबानी मुंबई स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल, हार्मनी फॉर सिल्वर फाउंडेशन और हार्मनी आर्ट फाउंडेशन की चेयरमैन हैं। इसके अलावा वह कई फाउंडेशनों और चैरिटी में एक्टिव रूप से काम करती हैं। इधर अनिल अंबानी आज कई मामलों में फंसे हुए हैं। वह दिवालिया हो चुके हैं।
बिक रही कंपनी
कर्ज में डूबे दिग्गज उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल के लिए हिंदुजा ग्रुप की इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIHL) ने सबसे बड़ी बोली लगाई है। IIHL के चेयरमैन अशोक हिंदुजा ने बताया कि कंपनी ने बैंक में अपनी हिस्सेदारी 15% से बढ़ाकर 26% करने के लिए जरूरी रेगुलेटरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। यह हिस्सेदारी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी। हिंदुजा ने कहा कि जैसे ही इंश्योरेंस रेगुलेटर इरडा जैसे ही इस डील को मंजूरी देगा, बैंकों के बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा।
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