200 सीटों पर दावेदारी का ऐलान, मायावती की पार्टी ने कैसे बढ़ा दी सीएम गहलोत की टेंशन
Updated on
24-06-2023 08:52 PM
जयपुर: राजस्थान में विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election 2023) को लेकर भले ही अभी कुछ महीने बाकी हैं। बावजूद इसके सियासी पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खास तौर से मायावती की पार्टी बीएसपी ने ऐसा ऐलान किया जो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की टेंशन बढ़ा सकता है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा कि पार्टी राजस्थान में सभी 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, उनका मुख्य फोकस नौ जिलों की 60 सीटों पर होगा। पार्टी इस पर खास ध्यान केंद्रित करेगी।
बीएसपी ने इसलिए किया दावेदारी का ऐलान
भगवान सिंह बाबा ने कहा कि बीएसपी का लक्ष्य 'किसी भी पार्टी को बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं करने देना' है। इस तरह राज्य में 'पॉवर बैलेंस' को सुनिश्चित करना है। बाबा ने टीओआई को बताया कि राजस्थान में कांग्रेस के साथ गठबंधन के बारे में पार्टी आलाकमान की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली है। हम बीएसपी सुप्रीमो मायावती के आदेश के अनुसार काम करेंगे। अभी हम सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
मायावती बढ़ाएंगी कांग्रेस की टेंशन
दरअसल, सीएम गहलोत ने बीएसपी को जोर का झटका देते हुए, पार्टी सभी छह विधायकों का कांग्रेस में विलय करा लिया था। बीएसपी के ये विधायक सितंबर 2019 में सत्तारूढ़ कांग्रेस में चले गए थे। ऐसे में राजस्थान बीएसपी ने इस बार खास तैयारी की है। पार्टी सुप्रीमो भगवान सिंह बाबा ने कहा कि पार्टी भरतपुर, धौलपुर, करौली, अलवर, दौसा, चूरू, झुंझुनू, हनुमानगढ़ और गंगानगर सहित नौ जिलों की 60 सीटों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी इन जिलों में सीटें जीती हैं। इसलिए विधानसभा चुनाव में हम इन जिलों पर विशेष फोकस करेंगे।
'BSP चली गांव के ओर' अभियान पर फोकस
प्रदेश बीएसपी अध्यक्ष ने कहा कि हमारी तैयारी जारी है और हमारा लक्ष्य इतनी सीटें जीतने का है कि कोई भी पार्टी बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं कर सके। ऐसा करके हम राज्य में शक्ति संतुलन सुनिश्चित करना चाहते हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पार्टी प्रदेश के गांवों पर फोकस कर रही। पार्टी 'BSP चली गांव के ओर' अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ और जूनियर कार्यकर्ता लोगों को बसपा की विचारधारा के बारे में जागरूक करने में जुटे हैं। वो राज्य भर में कैडर को मजबूत करने के लिए गांवों और बूथों का दौरा कर रहे हैं।
जुलाई में कार्यकर्ता सम्मेलन, आकाश आनंद होंगे शामिल
मायावती के भतीजे और बीएसपी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद जुलाई में विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। आकाश आनंद को राजस्थान सहित सभी चुनाव वाले राज्यों का प्रभारी बनाया गया है। इन सम्मेलनों के जरिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दों पर जनसभाएं आयोजित की जाएंगी।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया है कि राज्य के स्कूलों में बच्चों को अंडा दिया जाएगा। बंगाल में पूरी तरह शाकाहारी मेन्यू को लेकर चल…
नई दिल्ली/पटना: सुप्रीम कोर्ट में आज गुरुवार को बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से सवाल…
नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने बुधवार को पहली बार माना कि ई-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) इस्तेमाल करने से गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं…
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने बुधवार रात एक छापेमारी में ₹28.5 करोड़ से ज्यादा कैश और 15 किलो सोना बरामद किया। सोने की कीमत करीब ₹21.5 करोड़…
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराया जाए।सीजेआई सूर्यकांत,…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन में हजारों लोग पहुंचे, कहीं किसी ने डिजिटल क्रांति से आंदोलन का रुख मोड़ा तो किसी ने भूखे रहकर लेकिन उन्हीं के बीच…
नई दिल्ली: भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) उन कानूनों में से एक है जो हर कुछ सालों में चर्चा का विषय बन जाता है। लेकिन क्यों? इस कानून…