एवरेस्ट और MDH के लिए इस देश से भी आई बुरी खबर, वापस बुलानी पड़ सकती है मसालों की खेप
Updated on
30-04-2024 04:42 PM
नई दिल्ली: मसाला बनाने वाली भारतीय कंपनियों एमडीएच और एवरेस्ट की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग ने इस कंपनियों के प्रॉडक्ट्स पर बैन लगा दिया है जबकि अमेरिका ने उन्हें वॉच लिस्ट में डाल दिया है। अब ऑस्ट्रेलिया ने भी एमडीएच और एवरेस्ट के प्रॉडक्ट्स को निगरानी लिस्ट में डाल दिया है। फूड स्टैंडर्ड्स ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड (FSANZ) ने मंगलवार को कहा कि वह एमडीएच और एवरेस्ट के मसालों में कीटनाशक पाए जाने के आरोपों की जांच कर रहा है। आरोपों के सही पाए जाने पर ऑस्ट्रेलिया से भी इन कंपनियों के उत्पादों को वापस मंगाना पड़ सकता है। हॉन्ग कॉन्ग और सिंगापुर में इन मसालों पर बैन लगने के बाद उनकी खेप वापस मंगाई गई थी। इन देशों का दावा है कि इन कंपनियों के कुछ प्रॉडक्ट्स में एथिलीन ऑक्साइड का स्तर मान्य लेवल से ज्यादा पाया गया है। इस केमिकल से कैंसर होने का खतरा रहता है।
FSANZ ने एक बयान में कहा कि हम इस मुद्दे को समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। साथ ही हम फेडरल, स्टेट और टेरिटरी एनफोर्समेंट एजेंसीज के साथ भी काम कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि ऑस्ट्रेलिया में इस पर किसी तरह के एक्शन की जरूरत है या नहीं। एजेंसी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में बेचे जाने वाले फूड आइटम्स में एथिलीन ऑक्साइड के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। अगर किसी प्रॉडक्ट में यह पाया जाता है तो उसे वापस भेजा जा सकता है। एमडीएच और एवरेस्ट भारत के जाने-माने ब्रांड्स हैं और यूरोप, एशिया तथा नॉर्थ अमेरिका में भी काफी लोकप्रिय हैं।
क्या कर रहे है मसाला बोर्ड
अमेरिका का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन भी इस मामले की जांच कर रहा है। भारत सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। देश का मसाला बोर्ड एक्शन में है। यह बोर्ड केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करता है। बोर्ड ने बुधवार को कहा कि सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग को भेजे जाने वाले कंसाइनमेंट की वह अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी। बोर्ड सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग में भारतीय मिशनों के संपर्क में है और इस बारे में अधिक जानकारी जुटा रहा है। बोर्ड साथ ही उन कंपनियों के साथ काम कर रहा है जिनकी खेप वापस बुला ली गई है। भारतीय मसाले पूरी दुनिया में लोकप्रिय हैं। यहां तक कि भारत आने वाले विदेशी अपने साथ सोवेनियर के रूप में मसाले खरीदकर ले जाते हैं।
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