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भारत में बैन से छटपटाया TikTok अमेरिका में मांग रहा पानी, लगेगा प्रतिबंध या बिकेगा कारोबार?

Updated on 24-03-2023 07:11 PM
वॉशिंगटन: टिकटॉक के सीईओ शो जी च्यू ने बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और अपनी कंपनी पर चीनी सरकार के प्रभाव के बीच अमेरिकी कांग्रेस के सामने गवाही दी है। इस दौरान अमेरिकी कांग्रेस के हाउस ऑफ एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी के सांसदों ने चार घंटे तक च्यू से पूछताछ की। अमेरिकी सांसदों ने पूछा कि आपकी कंपनी पर चीनी सरकार के प्रभाव का आरोप है, ऐसे में टिकटॉक पर प्रतिबंध क्यों न लगा दिया जाए। चार घंटे की लंबी सुनवाई के दौरान च्यू ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि टिकटॉक ऐप लंबे समय से कहता आया है कि वह चीनी सरकार के साथ डेटा शेयर नहीं करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस ऐप से किसी के लिए कोई खतरा पैदा नहीं होता है। टिकटॉक का स्वामित्व चीनी टेक्नोलॉजी कंपनी बाइटडांस के पास है।

भारत में टिकटॉक पर प्रतिबंध का उठा मुद्दा


अमेरिका में टिकटॉक के 150 मिलियन यूजर्स हैं। टिकटॉक पर आरोप है कि वह अपनी ऐप का डेटा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से शेयर करता है। अमेरिकी सांसद डेबी लेस्को ने अपनी पूछताछ के दौरान भारत और अन्य देशों का हवाला दिया। इन देशों ने किसी न किसी रूप में टिकटॉक को प्रतिबंधित किया हुआ है। लेस्को ने कहा कि टिकटॉक एक ऐसा उपकरण है, जो अंतत चीनी सरकार के नियंत्रण में है और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने पूछा कि मिस्टर च्यू! ये सभी देश और हमारे एफबीआई डायरेक्टर कैसे गलत हो सकते हैं। इस पर च्यू ने जवाब दिया कि मुझे लगता है कि बहुत सारे जोखिम काल्पनिक और सैद्धांतिक हैं। मैंने कोई सबूत नहीं देखा है।

भारतीय यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल करता था चीन


इस पर डेबी लेस्को ने फिर कहा कि टिकटॉक से अमेरिकी सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने भारत में टिकटॉक पर लगे प्रतिबंध पर जोर दिया। लेस्को ने अपने सहयोगी सांसदों को बताया कि 21 मार्च को फोर्ब्स के एक लेख में खुलासा हुआ कि कैसे टिकटॉक का इस्तेमाल करने वाले भारतीय नागरिकों का डेटा कंपनी और उसके बीजिंग स्थित पैरेंट कंपनी के कर्मचारियों के साथ शेयर किया जा रहा था। टिकटॉक के एक वर्तमान कर्मचारी ने फोर्ब्स को बताया कि कंपनी टूल्स तक बुनियादी पहुंच रखने वाला लगभग कोई भी व्यक्ति किसी भी यूजर के क्लोज कॉन्टेक्ट्स और अन्य संवेदनशील जानकारी को आसानी से देख सकता है।

टिकटॉक सीईओ ने खारिज किया रिपोर्ट


इस पर च्यू ने जवाब दिया कि यह हाल में ही प्रकाशित हुआ एक आर्टिकल है। मैंने अपनी टीम को इस पर गौर करने को कहा है। हमारे पर कठोर डेटा एक्सेस प्रोटोकॉल है। ऐसी कोई बात नहीं है कि कोई भी यूजर्स के डेटा तक आसानी से पहुंच सकता है। इसलिए मैं बहुत सारे निष्कर्षों से सहमत नहीं हूं। भारत ने गोपनीयता और सुरक्षा चिंताओं को लेकर 2020 में मैसेजिंग ऐप वीचैट सहित टिकटॉक और दर्जनों अन्य चीनी ऐप्स पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया था। इस प्रतिबंध का ऐलान एलएसी पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के तुरंत बाद किया गया था। इसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।

टिकटॉक सीईओ पर भड़के अमेरिकी सांसद


फ्लोरिडा के लॉमेकर कैट कैममैक ने एक धमकी भरा वीडियो चलाने के बाद च्यू से कहा कि आप अच्छी तरह से जानते हैं कि आप इस समिति या अपने ऐप के 150 मिलियन उपयोगकर्ताओं के डेटा और सुरक्षा की रक्षा नहीं कर सकते क्योंकि यह सीसीपी का विस्तार है। हिंसा या धमकियों पर रोक लगाने वाले सामुदायिक दिशानिर्देशों के बावजूद ऐसे पोस्ट को रोके जाने को लेकर कोई खास कदम नहीं उठाए गए हैं। रिपब्लिकन प्रतिनिधि कैथी मैकमोरिस-रॉजर्स ने कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा कि टिकटॉक के सीईओ 100 फीसदी गारंटी देने मे असमर्थ हैं कि चीन इस ऐप के कुछ हिस्सों को प्रभावित नहीं कर रहा।

टिकटॉक के दावों और वादों से सहमत नहीं अमेरिका


इस पर च्यू ने कहा कि उनकी कंपनी सभी अवांछित विदेशी पहुंच से अमेरिकी यूजर्स के डेटा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी कंटेंट को किसी भी सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त रखेगी। न्यूजर्सी के एक दूसरे सांसद ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि टिकटॉक की सुरक्षा योजना काम करेगी। उन्होंने कहा कि मुझे अभी भी विश्वास है कि बीजिंग कम्युनिस्ट सरकार अभी भी नियंत्रण करेगी और आप जो करते हैं उसे प्रभावित करने की क्षमता होगी। उन्होंने कहा कि टिकटोक ने खुद को "एक सौम्य कंपनी के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया जो सिर्फ एक सार्वजनिक सेवा कर रही है ... मैं इसे नहीं मानता।

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