विदेशी धरती पर देश को बदनाम करने के सरकार के आरोपों पर भी राहुल गांधी ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा, “मैंने कभी अपने देश को बदनाम नहीं किया, मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं है, मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा। मैं जो कहता हूं, उसे तोड़-मरोड़कर पेश करना भाजपा को अच्छा लगता है... सच तो यह है कि विदेश जाने पर जो भारत को बदनाम करता है, वह भारत के प्रधानमंत्री हैं...कहते हैं कि एक दशक बीत गया और पिछले 10 वर्षों में कुछ नहीं हुआ- तो क्या हुआ वे सभी लोग जिन्होंने भारत में काम किया, जिन्होंने उन 10 वर्षों में भारत का निर्माण किया? क्या वह उनका अपमान नहीं कर रहे हैं? और, वह ऐसा विदेशी धरती पर कर रहे हैं।”
कांग्रेस सांसद ने कहा कि एक निश्चित विमर्श पेश करने के लिये अरबों डॉलर खर्च किए गए और अडाणी समूह के संस्थापक और अध्यक्ष गौतम अडाणी की तरफ इशारा किया।
राहुल गांधी ने कहा, “अडानी जिस भी नीलामी में भाग लेते हैं, वह जीतते नजर आते हैं।”
उन्होंने कहा, “मैं अपनी आंखों से देख रहा हूं कि भारत में क्या हो रहा है। और मैं देख सकता हूं कि अडाणी तीन साल में 609वें सबसे अमीर आदमी से दूसरे सबसे अमीर आदमी बन गए हैं। मैं देख सकता हूं कि उन्हें हर जगह पुरस्कृत किया गया है। मैं देख सकता हूं कि उन्हें देश के हर उद्योग में हावी होने की इजाजत दी गई है।”
उन्होंने कहा कि उस व्यवसायी के प्रधानमंत्री के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं।
