रक्षा मंत्री ने 'ब्लू हेलमेट ओडेसी- 20वीं शताब्दी में शांति स्थापना के कार्यो की बदलती रूपरेखा' शीर्षक से भारतीय सेना संयुक्त राष्ट्र जर्नल का दूसरा संस्करण जारी किया। यह जर्नल वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व और राजनयिकों द्वारा मिशन और दृष्टिकोण से सुझावों का संकलन है और भारतीय सेना के 75 वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट एक स्मारक है। रक्षा मंत्री ने उच्च प्रौद्योगिकी, नवाचार, निगरानी के लिए समाधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रशिक्षण, रोबोटिक्स, वर्चुअल रियलिटी, ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स आदि पर केंद्रित एक उपकरण प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
उन्होंने कहा, 'रक्षा कूटनीति, स्वदेशीकरण, सूचना युद्ध, रक्षा बुनियादी ढांचे और बल आधुनिकीकरण से संबंधित मुद्दों पर हमेशा इस तरह के मंच पर विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। युद्ध की तैयारी एक सतत प्रक्रिया होनी चाहिए और हमें सदैव अप्रत्याशित और अनिश्चित घटनाओं के लिए तैयार रहना चाहिए जो कभी भी सामने आ सकती हैं। हमें हमेशा अपने लड़ने के कौशल और हथियारों की प्रौद्योगिकियों का सम्मान करना चाहिए, ताकि जब भी आवश्यकता हो प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके। राष्ट्र को अपनी सेना पर गर्व है और सरकार सुधारों और क्षमता आधुनिकीकरण के रास्ते पर सेना को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।'
