चीन को बड़ा झटका! सेमीकंडक्टर का हब बनेगा भारत, पीएम मोदी आज रखेंगे तीन प्लांट की नींव
Updated on
13-03-2024 03:02 PM
नई दिल्ली: भारत सेमीकंडक्टर चिप्स के मामले में आत्मनिर्भर बनने की तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी बुधवार को करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये की तीन सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। गुजरात के धोलेरा, साणंद और असम के मोरीगांव में ये प्लांट लगाए जाएंगे। ‘इंडियाज टेकेड: चिप्स फार विकसित भारत’ कार्यक्रम में पीएम मोदी इसकी आधारशिला रखेंगे। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी वर्चुअली हिस्सा लेंगे। पिछले महीने कैबिनेट ने भारत में तीन सेमीकंटक्टर प्लांट खोलने की मंजूरी दी थी। टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) गुजरात में अपना सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट खोलेगी। इसमें 91,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। गुजरात के साणंद में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड (CG Power) अपना सेमीकंडक्टर प्लांट खोलेगी। इसका कुल निवेश करीब 7,500 करोड़ रुपये होगा। वहीं असम के मोरीगांव में जो प्लांट स्थापित की जाएगी, उसकी लागत 27,000 करोड़ है।
चीन को लगेगा झटका
देश में सेमीकंडक्टर के इस फैसले से चीन (China) को बड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल भारत के चिप मिशन (Chip Mission) को लेकर दुनियाभर के देशों में उत्सुकता देखने को मिल रही है। अमेरिका, जापान, ताइवान की कंपनियां भारत का रूख कर रही हैं। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन (Semiconductor Mission) ने चीन की बेचैनी बढ़ा दी है। दरअसल चीन का सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में दबदबा है। पूरी दुनिया में सेमीकंडक्टर की कुल बिक्री में चीन का एक तिहाई योगदान है। अमेरिका समेत दुनियाभर के देश सेमीकंडकटर के लिए चीन और ताइवान पर निर्भर हैं। सेमीकंडक्टर का कारोबार बहुत बड़ा है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले 7 वर्षों में सेमीकंडक्टर का बाजार दोगुना हो जाएगा।
2026 में आएगी पहली चिप
टाटा ग्रुप के साथ गुजरात के धोलेरा में बन रहा प्लांट 28 नैनोमीटर का चिप बनाने से कामकाज की शुरुआत करेगा, जिससे बाद में 22 नैनोमीटर तक लाया जा सकता है। पीएसएमसी के अध्यक्ष फ्रैंक हुआंग के मुताबिक, टाटा समूह और ताइवान के पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (पीएसएमसी) द्वारा गुजरात के धोलेरा में स्थापित किए जा रहे नए प्लांट से पहली सेमीकंडक्टर चिप 2026 के अंत तक तैयार हो जाएगी। हुआंग के मुताबिक, टाटा के साथ जेवी की रूपरेखा अभी तय नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ''फिलहाल हमने तकनीकी हस्तांतरण पर काम करने का फैसला किया है। बाद में हम निवेश के बारे में बात कर सकते हैं।'' अनुमान है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर परियोजना लागत का 70% तक सब्सिडी देंगी, साथ ही धोलेरा इकाई भारत की पहली कमर्शियल सेमीकंडक्टर फैब बन जाएगी।
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