चीन ने कर्ज के बदले मांगी रेडॉर लगाने की अनुमति!
चीन ने पहले श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर कब्जा किया और अब उसकी नजर रेडॉर स्टेशन को बनाने पर है। चीन ने हाल ही में श्रीलंका को दो साल तक कर्ज नहीं लौटाने के लिए ऑफर दिया है। इसके बदले में चीन ने श्रीलंका के सामने शर्त रख दी है कि उसे रेडॉर स्टेशन बनाने की अनुमति दी जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि आईएमएफ से डील के दौरान चीन ने कर्ज को रीस्ट्रक्चर करने के बदले इस रेडॉर स्टेशन की मांग रखी होगी। चीन ने इसी तरह का रेडॉर साल 2012 में आर्जेंटीना में भी बनाया था।
श्रीलंका इससे पहले चीन के जासूसी जहाज को अपने यहां रुकने की अनुमति दे चुका है। इसका भारत और अमेरिका ने कड़ा विरोध किया था। विश्लेषकों का कहना है कि श्रीलंका की सरकार गुटनिरपेक्ष होने का दावा करती है लेकिन चीन की इस योजना से उसके दावे पर गंभीर सवाल उठने लगा है। चीन जिस डोंड्रा की खाड़ी में यह रेडॉर लगाना चाहता है, वह एक समय में श्रीलंका की राजधानी रह चुकी है।
