भाजपा की रणनीति अलग
भारतीय जनता पार्टी बृजभूषण के मामले में काफी सावधानी बरत रही है। दरअसल, बृजभूषण का प्रभाव न केवल गोंडा बल्कि बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती सहित पड़ोसी जिलों में भी काफी ज्यादा है। ऐसे में पार्टी उन्हें दरकिनार नहीं करने का जोखिम उठा रही है। नाम न छापने की शर्त पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जब तक सांसद के खिलाफ जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक पार्टी उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं कर सकती है। सूत्रों की मानें तो गोंडा और आसपास के जिलों के स्थानीय विधायक भी छह बार लोकसभा सांसद रह चुके बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में हैं।
कैसरगंज की चार सीटों पर है बीजेपी एमएलए
कैसरगंज संसदीय क्षेत्र में पांच विधानसभा सीट पयागपुर, कैसरगंज, कटरा बाजार, कर्नलगंज और तरबगंज हैं। इनमें से पयागपुर और कैसरगंज बहराइच जिले में है। अन्य तीन विधानसभा सीटें गोंडा जिले में हैं। कैसरगंज विधानसभा सीट पर सपा को जीत मिली थी। यहां से विधायक आनंद यादव हैं। अन्य चार विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। बृजभूषण के बेटे प्रतीक भूषण सिंह भी गोंडा विधानसभा सीट से विधायक हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे 11 जून को पिता की ओर से बुलाई गई रैली में शामिल होंगे या नहीं।
