Select Date:

क्या Rahul Gandhi की संसद सदस्यता जा सकती है? जानिए नियम क्या कहता है

Updated on 20-03-2023 06:56 PM
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लंदन में दिए गए बयान पर पिछले हफ्ते से एक दिन भी संसद नहीं चल पाई। भारत में 'लोकतंत्र पर क्रूर हमले' के राहुल के बयान पर बीजेपी हमलावर है। वह राहुल गांधी से बिना शर्त माफी की मांग कर रही है। BJP सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में राहुल गांधी के खिलाफ विशेष समिति बनाकर उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग की है। प्रश्न यह उठता है कि क्या ऐसे में किसी सांसद की सदस्यता जा सकती है? क्या है सांसद की सदस्यता खत्म करने का नियम? BJP सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियम 223 के तहत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने हवाला दिया कि 2005 में पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में संसद की विशेष समिति ने संसद की गरिमा को चोट पहुंचाने के आरोप में 11 सांसदों की सदस्यता खत्म कर दी थी। इसे सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
लोकसभा के पूर्व महासचिव और संविधान विशेषज्ञ पी. डी. टी आचार्य कहते हैं बहुत ही कम मामले में किसी संसद सदस्य की सदस्यता जाती है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सदस्यता भी एक बार चली गई थी। 1977 में इंदिरा गांधी चुनाव हार गई थीं। उसके बाद वह चिकमंगलूर से चुनाव जीत कर आईं, लेकिन जनता पार्टी की सरकार ने इमरजेंसी को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार समिति बनाई। समिति ने उन्हें दोषी ठहराया और उनकी सदस्यता चली गई। उन्हें सजा भी मिली। इंदिरा गांधी पर आरोप था कि इमरजेंसी के दौरान उन्होंने अधिकारियों को संसद को सूचना देने से रोका।

विशेषाधिकार समिति अगर चाहे तो सदस्यता जा सकती है और सजा भी हो सकती है। ऐसा ही मामला पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में हुआ। विशेषाधिकार समिति ने 11 सांसदों को दोषी ठहराया और उनकी सदस्यता चली गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे सही ठहराया लेकिन यह भी कहा कि विशेषाधिकार है या नहीं, हम तय करेंगे।

नियम और प्रक्रिया क्या है
पूर्व लोकसभा सचिव और संविधान विशेषज्ञ एस. के. शर्मा भी मानते हैं कि किसी सांसद की सदस्यता जाना दुर्लभ है। नियम 223 संसद सदस्य को किसी सदस्य या समिति के विशेषाधिकार के उल्लंघन के मामले में संसद में स्पीकर की सहमति (नियम 22 के तहत) के साथ सवाल उठाने की इजाजत देता है। इसी नियम के तहत BJP सांसद निशिकांत दुबे ने यह मामला उठाया है। ऐसे मामले में आगे की जांच के लिए विशेषाधिकार समति बनाई जाती है। समिति कोर्ट की तरह सुनवाई करती है। दोनों पक्षों को सुनती है। अपनी रिपोर्ट तैयार करती है।
अगर, समिति दोषी पाती है तो लोकसभा अध्यक्ष से उस सांसद के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करती है। सदस्यता जाना अंतिम विकल्प होता है। इससे पहले समिति डिसअप्रूवल, चेतावनी और सलाह देकर छोड़ देती है। ज्यादातर संसद सदस्य खुद ही कह देते हैं कि उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी।

निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर आरोप
BJP नेता निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर लोकसभा अध्यक्ष को सूचित किए बिना पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ निराधार, बदनामीपूर्ण और असंसदीय दावे करके नियम 352 के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। संसदीय नियमावली के नियम 352(2) के अनुसार, एक सांसद लोकसभा अध्यक्ष को पूर्व सूचना देकर और उनकी अनुमति से ही सदन के किसी भी सदस्य के खिलाफ टिप्पणी कर सकता है।

दुबे का कहना है कि राहुल गांधी ने इसका भी उल्लंघन किया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को सूचना दिए बगैर पीएम के खिलाफ निराधार और बदनामीपूर्ण झूठे आरोप लगाए। उन्होंने 1976 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी को राज्यसभा से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने सभापति को पूर्व सूचना दिए और उनकी अनुमति के बिना प्रधानमंत्री के खिलाफ आरोप लगाए गए थे।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 July 2026
नई दिल्ली, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़…
 23 July 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक एडवोकेट कपल का सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ने दावा किया है कि करीब एक साल से उन्हें शादियों और अंतिम संस्कार…
 23 July 2026
जालौन: यूपी के चर्चित आईएएस अफसर रिंकू सिंह इस बार मुश्किल में हैं। जालौन में न्‍यायिक उप जिलाधिकारी पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राठी और ब्‍लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन…
 23 July 2026
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामियों की जमीनों के अवैध कब्जे और शोषण के मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख…
 23 July 2026
अहमदाबाद: 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री और अब पिछले 12 साल से प्रधानमंत्री के बड़े दायित्व को संभाल रहे नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज पर खुद नजर रखते हैं।…
 23 July 2026
पटना: बिहार में दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट छात्र और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर माहौल गरम है। पटना में भी उसी तर्ज पर बुधवार को छात्रों ने…
 22 July 2026
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…
 22 July 2026
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने…
 22 July 2026
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा…
Advt.