कार वालों को मिल सकती है सौगात, ट्रेन के MST की तरह टोल का भी होगा मंथली पास
Updated on
26-06-2024 02:31 PM
नई दिल्ली: आप रेलगाड़ी (Train) में सफर करते हों तो आपको पता होगा कि भारतीय रेल (Indian Railways) अपने दैनिक यात्रियों (Daily Passengers) को मंथली सीजन टिकट या एमएसटी (MST) पास जारी करता है। ठीक इसी तरह से आने वाले समय में टोल रोड (Toll Road) का इस्तेमाल करने के लिए कार वालों को भी ऐसे मंथली या एनुअल पास जारी किए जा सकते हैं। इससे जहां टोल चोरी करने की घटनाओं में कमी आएगी, वहीं सरकारी खजाने में और बढ़ोतरी होगी। लोगों को झंझट से मुक्ति मिलेगी, वह अलग।
कहां आया मंथली पास का विचार
मंगलवार को दिल्ली में ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (GNSS) पर इंटरनेशनल वर्कशॉप का आयोजन हुआ था। इसी दौरान केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टोल नाकों के लिए कार वालों को मंथली और एनुअल पास जारी करने का विचार दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कार वालों को मंथली और एनुअली पास जारी करने की भी एक सोच है। यह तो सेक्रेटरी अनुराग जैन और एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव सोचे।
झंझट खत्म होगा
गडकरी का कहना है कि टोल नाकों के लिए मंथली या एनुअली पास जारी करने से सड़क बनाने वालों को पैसा भी मिलेगा और झंझट भी खत्म हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर की कार वालों को मंथली पास जारी करने वाली बात कहने को आने वाले समय में इसे सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। जिसमें टोल नाको पर इस तरह का सिस्टम शुरू हो सकता है। हालांकि, अभी भी देश में कुछ जगह ऐसे मंथली पास जारी किए जाते हैं। लेकिन यह मंथली पास केवल टोल नाको के आसपास रहने वाली आबादी के लिए है। जिनके आईडी से पहचान सुनिश्चित करके उनसे कुछ पैसा लेकर ऐसे पास जारी किए जाते हैं।
हाइब्रिड मॉडल पर हो रहा है काम
सेटेलाइट पर आधारित टोल लेने वाले सिस्टम में विभाग शुरूआत में हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रहा है। जिसमें टोल नाको की दो लेन को सेटेलाइट आधारित टोल देने वाली गाड़ियों के लिए और बाकी वर्तमान सिस्टम फास्टैग वाली गाड़ियों के लिए रखा जाए। फिर जैसे-जैसे जीएनएसएस आधारित यह इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन बढ़ता जाएगा। धीरे-धीरे फिर टोल प्लाजा की अन्य तमाम लेनों को भी सेटेलाइट वाली कर दी जाएं।
कई देशों के आए थे एक्सपर्ट
इस वर्कशॉप में कई देशों से एक्सपर्ट भी आए थे। मकसद यही था कि किस तरह से भारत में टोल नाको पर गाड़ियों को बिना रोके उनसे सेटेलाइट आधारित टोल लिया जाए। इसमें और क्या-क्या दुनिया की ऐसी बेस्ट प्रैक्टिस हैं। जिससे भारत के लोगों को बिना किसी परेशानी के टोल देते हुए टोल रोड का इस्तेमाल कर सकें। वर्कशॉप में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और अजय टम्टा भी उपस्थित थे।
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