केंद्रीय कर्मचारियों की आएगी मौज, जानें यूपीएस के तहत कितनी होगी न्यूनतम पेंशन?
Updated on
17-11-2024 12:40 PM
नई दिल्ली: इस समय केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार है। यह कब से लागू होगा, अभी इसके बारे में केंद्र सरकार की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे एक जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है। इसके लागू होने के बाद सैलरी और पेंशन, दोनों बढ़ जाएंगे। वहीं हाल में ही आई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) के तहत कर्मचारियों की पेंशन में भी इजाफा होगा।
केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले यूपीएस की घोषणा की थी। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह पेंशन से जुड़ी नई स्कीम है। इसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाएगा। इस स्कीम के अंतर्गत केंद्रीय कर्मचारी को उसके रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों की बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के तौर पर मिलेगा। साथ ही न्यूनतम 10 वर्षों की सेवा के बाद 10 हजार रुपये प्रति महीने की पेंशन की गारंटी दी गई है।
पहले जानें क्या है यूपीएस?
यह एक पेंशन स्कीम है। केंद्र सरकार ने तीन महीने पहले अगस्त में इसकी घोषणा की थी। इस स्कीम मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
कम से कम 25 साल तक नौकरी करने वाले को रिटायरमेंट से पहले पिछले 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
इस पेंशन के हकदार वही होंगे जो कम से कम 10 साल नौकरी करेंगे।
10 साल की नौकरी के बाद अगर कोई नौकरी छोड़ता है तो उसे कम से कम 10 हजार रुपये पेंशन के तौर पर मिलेंगे।
कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसकी पेंशन की 60 फीसदी रकम परिवार को मिलेगी।
रिटायर होने पर ग्रेच्युटी के अलावा एकमुश्त भुगतान भी किया जाएगा।
महंगाई इंडेक्सेशन का लाभ भी मिलेगा।
कर्मचारियों को अंशदान करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार अपनी तरफ से कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 18.5 फीसदी वहन करेगी।
हर छह महीने की सेवा के बदले मासिक वेतन (वेतन + डीए) का दसवां हिस्सा जुड़ कर रिटायरमेंट पर मिलेगा।
कर्मचारियों के पास राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और यूपीएस के बीच चयन करने का विकल्प होगा।
नए वेतन आयोग में कैसे तय होगी सैलरी?
8वें वेतन आयोग के अप्रैल 2025 से लागू होने की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है, क्योंकि अभी तक सरकार ने इस पर कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह शायद एक जनवरी 2026 से लागू हो सकता है।
8वां वेतन आयोग लागू होने पर विशेष फिटमेंट फैक्टर के आधार पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी संशोधित की जाएगी। मान लीजिए कि मौजूदा 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन संशोधन के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर सरकार 8वें वेतन आयोग के तहत 1.92 के फैक्टर पर समझौता कर सकती है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार कम से कम 2.86 के उच्च फिटमेंट फैक्टर का विकल्प चुनेगी।
यूपीएस के तहत कितनी मिलेगी पेंशन?
मान लें कि सरकार 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू करती है। ऐसे में सरकारी कर्मचारी का मिनिमम बेसिक सैलरी मौजूदा 18 हजार रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो जाएगी। ऐसे में न्यूनतम पेंशन मौजूदा 9000 रुपये से बढ़कर 25,740 रुपये हो जाएगी। अगर सरकार फिटमेंट फैक्टर में बदलाव करती है तो सैलरी के साथ पेंशन में भी बदलाव होगा।
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