चीन और बांग्लादेश को भा गई भारत की मिर्ची, रेकॉर्ड पर पहुंच गया भारत से मसालों का एक्सपोर्ट
Updated on
18-06-2024 02:30 PM
नई दिल्ली: हॉन्ग कॉन्ग और सिंगापुर ने कुछ भारतीय कंपनियों के मसालों पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही कई अन्य देशों ने भारतीय मसालों को निगरानी लिस्ट में डाला है। लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2024 में भारत से मसालों का एक्सपोर्ट रेकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। इस दौरान भारत से मसालों का एक्सपोर्ट 4.46 अरब डॉलर रहा जो पिछले साल के मुकाबले 17 फीसदी अधिक है। वॉल्यूम के लिहाज से भी यह नौ फीसदी की तेजी के साथ 15.39 लाख टन रहा। इस दौरान खासकर काली मिर्च, इलायची और हल्दी महंगे होने के कारण भारत को अच्छी कमाई हुई। चीन और बांग्लादेश से मांग बढ़ने से मिर्च का निर्यात 15 फीसदी बढ़कर 1.509 अरब डॉलर रहा। रुपये के लिहाज से देखें तो यह 18 फीसदी तेजी के साथ 12,492 करोड़ रुपये रहा। भारत से मसालों के सबसे ज्यादा निर्यात चीन को किया गया।
पिछले फाइनेंशियल ईयर में मिर्च, धनिया, अदरक, अजवाइन, सौंफ और लहसुन के निर्यात में काफी तेजी देखने को मिली। दूसरे ओर काली मिर्च, मेंथी, इमली और मिंट प्रॉडक्ट्स के एक्सपोर्ट में गिरावट देखने को मिली। भारत से मसाला आयात करने वाले देशों में चीन सबसे आगे है। उसके बाद अमेरिका, बांग्लादेश, यूएई और थाईलैंड का नंबर है। भारत दुनिया में मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक और एक्सपोर्टर है। पिछले साल चीन ने भारत से 1.79 लाख टन मिर्च का आयात किया, जिसकी कीमत 4,123 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके बाद थाईलैंड और बांग्लादेश का नंबर है। पिछले साल बांग्लादेश को मिर्च के एक्सपोर्ट में 67 फीसदी तेजी आई। साथ ही अमेरिका को भी मिर्च के एक्सपोर्ट में करीब 25 फीसदी तेजी आई।
इस साल गिरावट
लेकिन जानकारों का कहना है कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में देश के मसालों के एक्सपोर्ट में गिरावट आ सकती है। इसकी वजह यह है कि कुछ मसालों के उत्पादन में गिरावट आई है। साथ ही सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग ने कुछ कंपनियों के प्रॉडक्ट्स पर बैन लगा रखा है। साल के पहले दो महीनों में मसालों के निर्यात में 5.84 फीसदी की मामूली गिरावट आई है। जानकारों का कहना है कि इसकी वजह बैन नहीं है। उत्पादन में कमी के कारण हल्दी जैसे मसालों का एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है। पहले दो महीने का ट्रेंड देखें तो देश से मसालों का निर्यात पिछले साल के बराबर रहने की उम्मीद है।
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