चीन ने US से करीबी पर नेपाल को चेताया, लिपुलेख पर 'खाली हाथ' रहे बालेन के विदेश मं
Updated on
16-06-2026 12:08 PM
बीजिंग: "दूर के रिश्तेदार से अच्छा एक करीबी पड़ोसी होता है।" यह कहावत तो आपने सुनी होगी लेकिन इस बार चीन के विदेश मंत्री वांय यी ने इसका इस्तेमाल नेपाल को संदेश देने के लिए किया है। सोमवार को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के साथ मुलाकात के दौरान वांग ने यह बात कही। खनाल चार की आधिकारिक चीन यात्रा पर हैं, जहां सोमवार को दोनों नेताओं ने आपसी चिंता के कई मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान चीन ने नेपाल में पश्चिमी प्रभाव, खासकर अमेरिकी मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (MCC) और स्टेट पार्टरनशिप प्रोग्राम को लेकर चिंता जताई। काठमांडू रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने कहा कि अमेरिकी पहल बाहर से देखने में अच्छी लगती है, लेकिन इसका मकसद बुरा है। ये चीन के लिए केवल परेशानी पैदा करती है। इस दौरान वांग ने कह कि दूर के रिश्तेदार उतने अच्छे नहीं होते, जितने करीबी पड़ोसी।
खनाल ने उठाया लिपुलेख का मुद्दा
इस बैठक में खनाल ने भारत के साथ सीमा विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने वांग से कहा कि लिपुलेख का मुद्दा नेपाल और भारत के बीच चर्चा का विषय है लेकिन भारत और चीन के बीच बार-बार हुए समझौतों ने इस विवाद को जटिल बना दिया है। हालांकि, इस पर उन्हें चीन से कोई आश्वासन नहीं मिला। भारत और चीन ने इसी साल लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने पर सहमति जताई है, जिसे लेकर नेपाल ने आपत्ति दर्ज की थी। नेपाल ने इसे अपना क्षेत्र बताते हुए नई दिल्ली और बीजिंग को राजनयिक नोट भेजे थे। हालांकि, वांग
चीनी कंपनियों के भ्रष्टाचार का मामला
बीजिंग की एक बड़ी चिंता इस बात को लेकर भी थी कि पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के मामले में एक चीनी कंपनी का नाम आ रहा है। इस एयरपोर्ट की चीन की फंडिंग से तैयार किया है। खनाल ने जवाब में कहा कि इस मामले में नेपाल के एक सक्षम अधिकारी ने अदालत में मामला दर्ज कराया है और इसका सरकार से कोई लेना देना नहीं है।
बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले एक नेपाली अधिकारी ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि बीजिंग की चिंता मुख्य रूप से पोखरा एयरपोर्ट में एक चीनी कंपनी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले, चीनी कर्ज से बने एयरपोर्ट में कथित भ्रष्टाचार और नेपाल में चीन के खिलाफ संभावित अमेरिकी कदमों को लेकर थी।
वांग यी ने चीन को बताया नेपाल का भरोसेमंद साथी
चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, वांग ने खनाल से कहा कि चीन नेपाल के विकास, पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में हमेशा एक भरोसेमंद और विश्वसनीय अच्छा पड़ोसी और साथी रहेगा। खनाल ने चीनी नेताओं को भरोसा दिलाया कि नेपाल चीन के साथ रिश्ते बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस धारणा को भी दूर करने की कोशिश की कि काठमांडू की बालेन शाह सरकार पश्चिम की ओर तेजी से झुक रही है।
न्यूयॉर्क/इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में गुहार लगाते हुए कहा है कि भारत के सिंधु जल संधि सस्पेंड करने से देश के 24 करोड़ लोगों की जिंदगी खतरे में है।…
इस्लामाबाद/बीजिंग: चीन की कड़ी चेतावनी के बाद पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में सीपीईसी प्रोजेक्ट की सुरक्षा में पूरी ताकत झोंक दी है। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा है कि वो बलूचिस्तान…
रोम: इटली की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी मूल की समन अब्बास की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए माता-पिता समेत परिवार के 4 सदस्यों की उम्रकैद की सजा को…
ढाका: बांग्लादेश की सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके बिजनेस से जुड़ी 6.2 अरब डॉलर की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। बांग्लादेशी मुद्रा में यह कीमत 760…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में शहबाज शरीफ की सरकार ने राजधानी की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया है। डॉन के मुताबिक मंगलवार को…
तेहरान: अमेरिका के भीषण हमलों के बाद ईरानी सेना भी जोरदार पलटवार कर रही है। इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक नहीं…
न्यूयॉर्क: भारत ने गंभीर चेतावनी दी है कि संयुक्त राष्ट्र के बारे में लोगों की राय खराब हो रही है क्योंकि यह सुरक्षा परिषद में सुधार करने में नाकाम रहा…