इससे पहले दिसंबर में रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी चीन की क्रेडिट रेटिंग को स्टेबल से निगेटिव कर दिया था। उसका कहना था कि प्रॉपर्टी सेक्टर गहरे संकट में है और इस कारण पूरी इकॉनमी के प्रभावित होने की आशंका है। अमेरिका के बाद चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी है। लेकिन पिछले कुछ समय से चीन की इकॉनमी कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। मंदी की आशंका के कारण लोग खर्च करने से बच रहे हैं। इससे घरेलू खपत प्रभावित हुई है। साथ ही अमेरिका के साथ रिश्तों में तनाव बना हुआ है। देश का एक्सपोर्ट गिर रहा है जबकि विदेशी निवेशक भी मुंह मोड़ने लगे हैं। पिछले साल चीन के शेयर मार्केट का प्रदर्शन दुनिया में सबसे खराब रहा। विदेशी कंपनियां भी चीन से अपना बोरिया-बिस्तर समेट रही हैं।
