सूत्रों का कहना है कि सैमसंग काफी समय पहले भारत में अपनी फैसिलिटीज लगा चुकी हैं। इसलिए भारतीय कंपनियों को केवल चीन की कंपनियों से ही बिजनस मिल सकता है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा चीनी कंपनियां भारतीय कंपनियों को बिजनस का मौका दें। इससे उन्हें पीएलआई स्कीम का फायदा मिलेगा। ऐपल ने भी भारत में आईफोन बनाने के लिए टाटा ग्रुप के साथ हाथ मिलाया है। इसके अलावा कंपनी ताइवान की फॉक्सकॉन और पेट्रागॉन से भी आईफोन बनाती है।
