नेतन्याहू सरकार ने क्या बदलाव किए हैं
इजरायल की नेतन्याहू सरकार ने जो कानून बनाया है, उससे अदालत की ताकत काफी कम हो जाएगी। इजरायली अदालतें संसद से बने कानूनों की समीक्षा नहीं कर पाएंगी और ना ही उन्हें खारिज कर पाएंगी। इतना ही नहीं, संसद में बहुमत के जरिए अदालत के फैसले को बदला जा सकता है। ऐसे में नेतन्याहू चाहें तो अदालत के फैसले को संसद में अपने पक्ष में कर सकते हैं। नेतन्याहू के पास संसद में सिर्फ एक वोट से बहुमत है। सुप्रीम कोर्ट समेत सभी अदालतों में सरकार की मंजूरी के बाद ही जजों की नियुक्ति हो सकेगी। मंत्रियों के लिए अटार्नी जनरल की सलाह मानना बाध्यकारी नहीं रह जाएगा।
