Select Date:

क्‍या एक रूट दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था को तबाह कर सकता है? और कौन-कौन सी होर्मुज जैसी लाइफलाइन

Updated on 13-03-2026 01:13 PM
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में टेंशन के बीच होर्मुज स्‍ट्रेट का नाम हर किसी की जुबान पर है। यह ईरान के दक्षिण में पतला पानी का रास्‍ता है। फारस की खाड़ी (पर्शियन गल्‍फ) को ओमान और अरब सागर से जोड़ता है। संयुक्‍त राष्‍ट्र (UN) ने इसके बंद होने पर दुनिया भर में आर्थिक नुकसान की चिंता जताई है। इससे एनर्जी, ट्रांसपोर्ट और खाने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं। वहीं, दुनिया के कई हिस्सों में रहने-सहने का खर्च और बढ़ने के आसार हैं। हालांकि, होर्मुज स्‍ट्रेट इकलौता नहीं है जो दुनिया की सांसें थाम देता है। दुनिया में इसके जैसे और भी होर्मुज हैं। इन स्‍ट्रैटेजिक समुद्री रास्‍तों को 'चोक पॉइंट्स' भी कहा जाता है। अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार, खासतौर से तेल और गैस की सप्लाई के लिए ये बेहद महत्वपूर्ण हैं। आइए, यहां होर्मुज और इसके जैसे दूसरे महत्‍वपूर्ण समुद्री रास्‍तों के बारे में जानते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट क्‍यों जरूरी है?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम स्ट्रैटेजिक शिपिंग लेन में से एक है। दुनिया की तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इस पतले पानी के रास्ते से होकर गुजरता है। यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (UNCTAD) के डेटा के आंकड़ों से इसकी अहमियत का पता लगता है। इनके मुताबिक, 2024 में हर दिन लगभग 2 करोड़ बैरल तेल इस स्ट्रेट से होकर गुजरा। यह दुनिया भर में समुद्र से होने वाले तेल व्यापार का लगभग 25 फीसदी है। इसमें से कच्चा तेल और कंडेनसेट हर दिन 1.4 करोड़ बैरल था। वहीं, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स रोजाना लगभग 60 लाख बैरल था।
हाल की बढ़ोतरी से पहले के समय के डेटा से भी इस रूट पर निर्भरता का लेवल पता चलता है। दुनिया भर में समुद्र से होने वाले क्रूड व्यापार का लगभग 38 फीसदी, लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस के व्यापार का 29 फीसदी, लिक्विफाइड नेचुरल गैस और रिफाइंड तेल प्रोडक्ट्स में से हर एक का 19 फीसदी इसी स्ट्रेट से गुजरा।

एशिया को एनर्जी सप्लाई का बड़ा रिस्क क्‍यों?

किसी भी लंबे समय तक रुकावट का असर एशिया में सबसे ज्‍यादा महसूस होने की आशंका है। यह होर्मुज स्ट्रेट के जरिए एनर्जी शिपमेंट पर बहुत ज्‍यादा निर्भर है। 2024 में स्ट्रेट के जरिए हर दिन ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले 1.43 करोड़ बैरल कच्चे तेल का लगभग 84 फीसदी एशियाई मार्केट के लिए था। वहीं, सिर्फ 16 फीसदी यूरोप और दूसरे इलाकों में गया।

इसी तरह रोजाना पानी के रास्ते भेजी जाने वाली 10.4 अरब क्यूबिक फीट लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का लगभग 83 फीसदी एशिया के लिए था।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 July 2026
नई दिल्ली: भारत के स्मार्टफोन बाजार में जून तिमाही (Q1) के दौरान सालाना आधार पर 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद…
 18 July 2026
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से युद्ध (US-Iran War) शुरू हो गया है। इस वजह से चालू सप्ताह के दौरान WTI crude के दाम में 11%…
 18 July 2026
नई दिल्ली: एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने पीएफ (PF) अंशदान में कंपनियों की ओर से की गई देर से जुड़े पुराने विवादों और मुकदमों के जल्द निपटारे के लिए…
 18 July 2026
नई दिल्ली: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बुरी खबर है। भारत और रूस की पार्टनरशिप वाली कंपनी किनेट रेलवे सॉल्यूशंस (Kinet Railway Solutions)…
 18 July 2026
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से होने वाले तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के निर्यात में भारी कमी आई है।…
 17 July 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल (Crude Oil Price) में इन दिनों जो आग लगी हुई है, उससे दुनिया का हर देश परेशान है। यूरोपीय यूनियन (EU) ने तो इससे निजात पाने…
 17 July 2026
नई दिल्ली: इनकम टैक्स विभाग ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स (CII) बढ़ा दिया है। इसका इस्तेमाल जमीन-जायदाद (प्रॉपर्टी), शेयर और गहने बेचने पर होने वाले…
 17 July 2026
नई दिल्ली: सैटकॉम के क्षेत्र में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को कड़ी टक्कर मिलने वाली है। स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe ने रिलायंस जियो के लगभग 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO)…
 17 July 2026
नई दिल्‍ली: यह कहानी है मुंबई के रहने वाले अमन सेन की। उन्‍होंने लीक से हटकर अपना खुद का रास्‍ता बनाया। कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर उन्‍होंने कारोबार…
Advt.