जातीय जनगणना भी मसला है
दरअसल, भारत की जनगणना, जनगणना अधिनियम-1948 के प्रावधानों के तहत कराई जाती है। इसके प्रावधानों में जनगणना कराने और उसे जारी करने को लेकर समयावधि के मुद्दे पर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। बिहार ने इसी साल जनवरी से जातीय जनगणना शुरू की है। हालांकि 1931 से पहले देश में जातीय जनगणना होती थी, लेकिन लोकसभा में एक सवाल के जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय कह चुके हैं कि फिलहाल केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति के अलावा किसी और जाति की गिनती का आदेश नहीं दिया है, जबकि अब जातिगत जनगणना की भी मांग उठ रही है और बिहार राज्य ने यह शुरू भी कर दी है।
