चीन के समर्थन के बावजूद ब्रिक्स में शामिल नहीं हो सका पाकिस्तान, दोस्त रूस ने नहीं दिया भाव, शहबाज को झटका
Updated on
07-03-2024 01:53 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान आज के समय एक ऐसे वैश्विक ग्रुप में शामिल होना चाहता है, जिसके नाम में ही भारत है। यह ग्रुप BRICS है। ब्रिक्स का मतलब ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका है। चीन चाहता है कि अब इसमें पाकिस्तान को शामिल किया जाए। चीन के समर्थन के बावजूद पाकिस्तान ब्रिक्स में शामिल नहीं हो पाया है। मौजूदा सदस्यों से उसे सर्वसम्मत स्वीकृति नहीं मिली है। ब्रिक्स का वर्तमान अध्यक्ष रूस है जो पाकिस्तान को शामिल करने को लेकर हिचकिचाता दिख रहा है। साल 2023 में ब्रिक्स का विस्तार हुआ था। लेकिन फिलहाल अभी इसके विस्तार की संभावना नहीं दिख रही।
सूत्रों ने कहा कि किसी नए सदस्य को शामिल करने के लिए मौजूदा सदस्यों के बीच आम सहमति की जरूरत होती है और पाकिस्तान के आवेदन पर सहमति नहीं है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और दुनिया की टॉप अर्थव्यवस्थाओं के ग्रुप में फिट नहीं बैठता। चीन के दबाव के बाद पाकिस्तान शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में शामिल हुआ था। वहीं रूस ने भारत के प्रवेश को आगे बढ़ाया था। भारत को कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने समर्थन दिया था। हालांकि ब्रिक्स और एससीओ में प्रवेश के मानदंड अलग-अलग हैं।
ये देश हुए हैं शामिल
एससीओ के विपरीत भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इसके विस्तार में उसका मत महत्वपूर्ण है। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका में आयोजित शिखर सम्मेलन का विस्तार हुआ था। यूएई, सऊदी अरब, मिस्र, ईरान, इथियोपिया और अर्जेंटीना को ब्रिक्स को शामिल किया गया था। इससे ग्रुप की कुल सदस्यता 11 हो गई। बाद में नए राष्ट्रपति के चुनाव के बाद अर्जेंटीना ने इससे हटने का फैसला किया। अब ब्रिक्स के कुल सदस्यों की संख्या 10 हो गई है।
30 देश होना चाहते हैं शामिल
रूस ने घोषणा की है कि लगभग 30 देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने में रुचि दिखाई है। रूस के मुताबिक यह ब्रिक्स के बढ़ते महत्व को दिखाता है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बताया कि कई देश ब्रिक्स में शामिल होने की इच्छा रखते हैं। पिछले साल जब ब्रिक्स का विस्तार हो रहा था, तब भी भारत काफी संभल कर कदम उठा रहा था। दरअसल भारत नहीं चाहता कि ब्रिक्स एक अमेरिका विरोधी गुट के रूप में उभरे।
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