बुजुर्ग पेशनर्स का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट घर पर ही बनेगा, ऐसे मदद करेगा डाक विभाग
Updated on
14-09-2024 12:04 PM
नई दिल्ली: बुजुर्ग पेंशनभोगियों को हर साल अपने जीवित रहने का प्रमाण पत्र जमा करना होता है। सरकार ने इनकी आसानी के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) जमा करने की सुविधा दी है। लेकिन इसके लिए भी किसी जन सुविधा केंद्र या साइबर कैफे में जाना होता है। अब पेंशनर्स को घर बैठे डिजिटल प्रमाण पत्र जमा करने में मदद के लिए डाक विभाग सामने आया है। डाक विभाग बुजुर्गों को यह सेवा उनके घर तक पहुंचाएगा। इस समय देश में करीब 68 लाख पेंशनर्स तो सिर्फ केंद्र सरकार के ही हैं। इनमें राज्य सरकारों के पेंशनर्स की संख्या जोड़ दी जाए तो यह आंकड़ा काफी बढ़ जाएगा।
देश भर में चलेगा अभियान
केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) की तरफ से शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान से यह जानकारी मिली है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DOPPW) ने 1-30 नवंबर, 2024 तक पूरे देश के सभी जिला मुख्यालयों और प्रमुख शहरों में डीएलसी अभियान 3.0 आयोजित करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि सभी जिला डाकघरों में डीएलसी अभियान 3.0 के लिए एक तैयारी बैठक 12 सितंबर, 2024 को वी श्रीनिवास, सचिव (डीओपीपीडब्ल्यू) द्वारा की गई थी जिसमें संजय शरण महानिदेशक डाक सेवाएं, राजुल भट्ट उप महानिदेशक डाक और आर. विश्वेश्वरन प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) भी शामिल हुए थे।
डाकघरों में चलेगा डीएलसी अभियान
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस बात पर सहमति बनी थी कि जिला डाकघर पेंशनभोगी कल्याण संघों, पेंशन वितरण बैंकों और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDIA) के साथ समन्वय करके जिला डाकघरों में डीएलसी अभियान 3.0 का संचालन करेंगे। बयान में कहा गया है, ‘‘पेंशनभोगी एंड्रॉयड स्मार्ट फोन से फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग करके जिला डाकघरों में जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) जमा कर सकते हैं।’’
घर में मिलेगी सेवा
बयान में कहा गया है, ‘‘डाक विभाग वृद्धों को घर-घर जाकर सेवाएं प्रदान करेगा/(और) पेंशनभोगियों को आवश्यकतानुसार डीएलसी जमा करने के लिए सूचित करेगा।’’ इस योजना का बैनर, सोशल मीडिया, एसएमएस और लघु वीडियो के माध्यम से जागरूकता फैलाकर डीएलसी 3.0 अभियान का व्यापक प्रचार किया जाएगा।
तकनीकी सहायता कौन देगा?
केंद्र सरकार के बयान में बताया गया है कि यूआईडीएआई और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय शिविरों के दौरान तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। बयान के मुताबिक "यह परिकल्पना की गई है कि सहयोग पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए सरकार के प्रयासों को व्यापक और गहरा करेगा और उनके जीवन को आसान बनाने में काफी योगदान देगा।"
पिछले साल 100 शहरों में चला था अभियान
साल 2023 में, डीएलसी अभियान 2.0 देश के सौ शहरों में आयोजित किया गया था। इसमें 1.45 करोड़ पेंशनभोगियों ने अपने डीएलसी जमा किए थे। इस साल इस अभियान को बढ़ा कर देश के सभी जिला मुख्यालयों एवं बड़े शहरों तक कर दिया गया है। इसलिए माना जा रहा है कि इस बार अभियान के जरिये पिछले साल के मुकाबले ज्यादा डीएलसी जमा किए जाएंगे।
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