पाकिस्तान में आए दिन सिखों पर होते हैं अत्याचार
पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा सलूक होता है। यह वो देश है, जिसकी स्थापना इस्लाम के नाम पर की गई, लेकिन इस्लाम के ही अल्पसंख्यक धड़े यहां सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान में हिंदू नहीं, बल्कि सिखों की तादाद में भी भारी गिरावट देखी गई है। पाकिस्तानी कट्टरपंथी हर साल बड़ी तादाद में हिंदू और सिख समुदाय की लड़कियों का अपहरण कर जबरन निकाह करते हैं। पुलिस भी ऐसी घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं करती। कई बार तो लड़कियों के मां-बाप को जान से मारने की धमकी दी जाती है।
खालिस्तान आंदोलन को भड़का रहा पाकिस्तान
1971 के युद्ध में भारत के हाथों तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान हारने के बाद से ही पाकिस्तान बदला लेने की कोशिश में है। आज यह बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है। पाकिस्तान ने कश्मीर को अलग करने की खूब साजिश रची, लेकिन कामयाब न हो सका। ऐसे में उसने खालिस्तान आंदोलन को हवा देने की कोशिश शुरू कर दी है। इसमें पाकिस्तान का मोहरा विदेशों में बैठे कुछ कट्टरपंथी सिख बन रहे हैं। इनमें से अधिकतर ने विदेशों की नागरिकता ले रखी है और वहीं बसे हुए हैं।
