स्मृति इरानी ने कहा कि चुनावों में हार-जीत राजनीतिक परंपराओं का हिस्सा है लेकिन राहुल गांधी ने ऐसे देश में जाकर विदेशी ताकतों को भारत पर धावा बोलने का आमंत्रण दिया है जिसका इतिहास भारत को गुलाम बनाने का रहा है।
मैं राहुल गांधी से पूछना चाहती हूं आपने विदेश में कहा कि देश में उन्हें किसी विश्वविद्यालय में बोलने का अधिकार नहीं है। ऐसा है तो 2016 में दिल्ली में जब एक विश्वविद्यालय में 'भारत तेरे टूकड़े होंगे' का नारा लग रहा था तब आपने वहां जाकर इसका समर्थन किया, वो क्या था?
