लर्निंग के साथ अर्निंग भी, टॉप 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को मौके देने वाली इंटर्नशिप स्कीम क्या है
Updated on
26-07-2024 01:56 PM
नई दिल्ली: सरकार ने देश की 500 बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर एक नई इंटर्नशिप स्कीम शुरू की है। इस योजना का मकसद युवाओं को हुनरमंद बनाना और उन्हें नौकरी के लिए तैयार करना है। यह योजना केंद्रीय बजट 2024 का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस योजना में शामिल होना कंपनियों के लिए स्वैच्छिक है। यानी यह उन पर निर्भर करेगा कि वह इसका हिस्सा बने या नहीं। लेकिन, इसमें कई फायदे भी हैं। इससे कंपनियां अपने भविष्य के कर्मचारियों को तैयार कर सकती हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना के तहत 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को हुनरमंद बनाया जा सकेगा। आइए, यहां इस स्कीम से जुड़ी हर बात को जानते हैं।
इंटर्नशिप के लिए कौन है एलिजिबल?
इस इंटर्नशिप के लिए 21 से 24 साल के युवा आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, आवेदक को किसी भी नौकरी या फुल टाइम एजुकेशन में शामिल नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, IIT, IIM, IISER, CA, CMA जैसी संस्थाओं से क्वालिफाइड उम्मीदवार इसके लिए पात्र नहीं हैं। उम्मीदवार के परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता या सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए।
कितने समय के लिए होगी यह इंटर्नशिप?
यह इंटर्नशिप 12 महीने की होगी। इस दौरान कंपनियों को इंटर्न को अपने कामकाज का वास्तविक अनुभव प्रदान कराना होगा। कम से कम आधा समय इंटर्न को वास्तविक कामकाजी माहौल में बिताना होगा। अगर कंपनी सीधे तौर पर ऐसा नहीं कर सकती है तो उसे अपनी आपूर्ति श्रृंखला (जैसे आपूर्तिकर्ता या ग्राहक) या अपने समूह के अन्य संगठनों/संस्थानों के साथ समझौता करना होगा।
सरकार से मिलेगा कितना इंटर्नशिप अलाउंस?
सरकार इस योजना के तहत हर महीने 5,000 रुपये का इंटर्नशिप भत्ता देगी। 12 महीने की इंटर्नशिप के लिए कुल लागत 60,000 रुपये (5,000 रुपये x 12 महीने) होगी। इसके अलावा आकस्मिक खर्चों के लिए एकमुश्त 6,000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इसमें से 54,000 रुपये मासिक भत्ते के तौर पर और 6,000 रुपये आकस्मिक अनुदान के तौर पर सरकार देगी। कंपनियों को अपने CSR फंड से 6,000 रुपये (इंटर्नशिप भत्ते का 10%) और प्रशिक्षण की लागत वहन करनी होगी। कंपनियां अपने CSR फंड से उचित प्रशासनिक खर्चों पर भी विचार कर सकती हैं।
कैसे कर सकते हैं आवेदन?
इस योजना के तहत आवेदन एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। कंपनियां पोर्टल पर उपलब्ध सूची से योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगी। चयन एक वस्तुनिष्ठ मानदंड के आधार पर होगा, जिसमें कम रोजगार क्षमता वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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