हर आदमी करोड़पति! फुटबॉल विश्व कप में ब्राजील को हराने वाले नॉर्वे की कहां से होती है कमाई?
Updated on
06-07-2026 01:21 PM
नई दिल्ली: फुटबॉल विश्व कप में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। यूरोप के छोटे से देश नॉर्वे ने प्री-क्वार्टरफाइनल में पांच बार के चैंपियन ब्राजील को हराकर तहलका मचा दिया है। नॉर्वे की टीम पहली बार फुटबॉल विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में पहुंची है। महज 56 लाख की आबादी वाले देश नॉर्वे की गिनती दुनिया के सबसे अमीर देशों में होता है। यह मानव सूचकांक इंडेक्स में टॉप पर रहने वाले देशों में है। आखिर कहां से होती है नॉर्वे की कमाई?
नॉर्वे स्कैंडिनेवियाई देशों में आता है। नॉर्वे के अलावा इसमें स्वीडन और डेनमार्क शामिल हैं। नॉर्वे का कुल एरिया 385,207 वर्ग किमी है। इसमें मुख्य भूमि का एरिया 323,802 वर्ग किमी है जबकि द्वीपों का क्षेत्रफल 61,425 वर्ग किमी है। नॉर्वे की इकॉनमी बहुत समृद्ध और मिश्रित कल्याणकारी अर्थव्यवस्था मानी जाती है। इसकी जीडीपी करीब 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। इसकी प्रति व्यक्ति जीडीपी 1,05,877 डॉलर है जो भारतीय रुपये के हिसाब से करीब 1,01,02,830 रुपये बैठती है।
कहां से होती है कमाई?
नॉर्वे की कमाई का सबसे बड़ा जरिया नॉर्थ सी से निकलने वाला तेल और गैस है। नॉर्वे यूरोप में तेल और प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। देश के कुल निर्यात में पेट्रोलियम सेक्टर का हिस्सा 40% से ज्यादा है। नॉर्वे से ज्यादातर निर्यात यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और नीदरलैंड को होता है। नॉर्वे दुनिया में प्राकृतिक गैस का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। देश में रोजाना लगभग 2 मिलियन बैरल का उत्पादन होता है। नॉर्वे दुनिया में कच्चे तेल का 12वां सबसे बड़ा तेल उत्पादक है।
हालांकि तेल और गैस पर अत्यधिक निर्भरता नॉर्वे की इकॉनमी के लिए एक स्ट्रक्चरल रिस्क पैदा करती है। दुनिया में फॉसिल फ्यूल यानी जीवाश्म ईंधन के यूज को कम करने की मुहिम चल रही है। इस देखते हुए तेल और गैस पर निर्भर देशों की इकॉनमी को भी खतरा पैदा हो गया है। यही वजह है कि वे अपनी इकॉनमी को डाइवर्सिफाई करने में लगे हैं। नॉर्वे भी भविष्य को सुरक्षित के लिए इनोवेशन, प्रोडक्टिविटी और ग्रीन इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दे रहा है।
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