नजर चुनाव पर, नाम किसानों का...प्याज और बासमती चावल पर सरकार का नया फैसला जानिए
Updated on
14-09-2024 12:01 PM
नई दिल्ली: सरकार ने प्याज और बासमती चावल से मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) सीमाओं को हटा दिया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से देश से निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही प्याज निर्यात करने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। लेकिन मामला कुछ और नजर आ रहा है। दरअसल, सरकार ने यह महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखकर लिया है। महाराष्ट्र में अभी विधानसभा चुनावों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह जल्द हो सकती है। वहीं हरियाणा में अगले महीने चुनाव हैं। महाराष्ट्र देश का अग्रणी प्याज उत्पादक राज्य है। वहीं हरियाणा बासमती चावल के प्रमुख उत्पादक राज्यों में शामिल है।
प्याज और बासमती चावल से सीमाएं हटाईं
अभी तक प्याज पर MEP 550 डॉलर प्रति टन तय किया गया था। लेकिन विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक नोटिफिकेशन जारी कर इसे तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक हटा दिया है। इसी प्रकार वाणिज्य विभाग ने बासमती चावल के निर्यात के लिए आरसीएसी करने की बात कही है। इसके लिए 950 डॉलर टन के मौजूदा MEP को हटाने का निर्णय लिया है। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि इस कदम से निर्यात प्रोत्साहन और किसानों की आमदनी में मदद मिलेगी।
पिछले साल घटाई थी चावल की कीमत
सरकार ने पिछले साल अक्टूबर की शुरुआत में बासमती चावल के निर्यात के लिए न्यूनतम कीमत को 1200 डॉलर प्रति टन से घटाकर 950 डॉलर प्रति टन कर दिया था। अधिक कीमतों के कारण निर्यात प्रभावित होने की चिंताओं के चलते ऐसा किया गया था। सरकार ने 27 अगस्त 2023 को प्रीमियम बासमती चावल की आड़ में सफेद गैर-बासमती चावल के अवैध निर्यात पर लगाम लगाने के लिए 1200 अमेरिकी डॉलर प्रति टन से कम कीमत पर बासमती चावल के निर्यात की अनुमति नहीं देने का फैसला किया था।
प्याज पर लोकसभा चुनाव के बीच में लिया था निर्णय
इस साल मई में लोकसभा चुनाव हुए थे। सरकार ने लोकसभा चुनावों के बीच प्याज निर्यात पर प्रतिबंध हटा लिया था। हालांकि एमईपी 550 डॉलर प्रति टन तय किया था। सरकार ने प्याज पर 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगाने का आदेश जारी रखा था। पिछले साल अगस्त में सरकार ने 31 दिसंबर 2023 तक प्याज पर 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगाया था। उसके पहले 8 दिसंबर 2023 को इस साल 31 मार्च तक प्याज के निर्यात पर बैन लगा दिया था।
प्याज और चावल की कीमत पर क्या पड़ेगा असर?
सरकार के इस कदम से प्याज की कीमतों में तेजी आ सकती है। अभी भी प्याज खुदरा बाजार में 80 रुपये किलो मिल रही है। प्याज पर MEP की सीमा हटा लेने के बाद दूसरे देशों में प्याज का एक्पोर्ट तेजी से होगा। ऐसे में घरेलू बाजार में प्याज की कमी देखी जा सकती है। इससे प्याज के दाम में इजाफा हो सकता है। यही बात बासमती चावल पर लागू होगी। इसकी भी कीमत में तेजी देखी जा सकती है।
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