अप्रेजल तो भूल जाइए, इतनी ही सैलरी मिलती रहे तो है गनीमत, पढ़ लीजिए क्या चल रहा है दुनियाभर में
Updated on
06-01-2023 09:40 PM
नई दिल्ली: नया साल शुरू होते ही लोगों के बीच अप्रेजल (Appraisal) की सुगबुगाहट तेज होने लगती है। सैलरी कितनी बढ़ेगी, इस बारे में तरह-तरह के कयास लगने शुरू हो जाते हैं। लेकिन इस समय दुनियाभर में जिस तरह का माहौल है, उसे देखकर लग रहा है कि इस साल अप्रेजल भूल जाइए। जिस सैलरी पर काम कर रहे हैं, वही बची रहे तो गनीमत समझिए। पिछले साल ट्विटर (Twitter) और फेसबुक (Facebook) समेत कई कंपनियों ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की थी। भारत में भी कई स्टार्टअप कंपनियों ने बड़े पैमाने पर स्टाफ को निकाला था। नए साल में भी यह ट्रेंड जारी है। अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन (Amazon) ने भी दुनियाभर में 18,000 कर्मचारियों को निकालने की घोषणा की है। इनमें से एक हजार कर्मचारी भारत में भी निकाले जाएंगे। साथ ही कई और कंपनियों ने भी छंटनी की घोषणा की है। कई कंपनियां ऐसी भी हैं जिन्होंने छंटनी तो नहीं की है लेकिन सैलरी में कटौती करने जा रही हैं। अमेरिका समेत दुनियाभर में मंदी की आशंका के चलते कंपनियां ऐसा कर रही हैं। यानी साफ है कि इस साल अप्रेजल तो भूल जाइए।
नया साल आते ही मंदी (recession) की आहट भी तेज होने लगी है। इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (IMF) की चीफ क्रिस्टालीना जॉर्जीवा (Kristalina Georgieva) ने हाल में चेतावनी दी थी कि इस साल एक तिहाई दुनिया मंदी की चपेट में होगी। अमेरिका (US), यूरोपियन यूनियन (EU) और चीन (China) के लिए यह साल बहुत मुश्किल रहने वाला है। यूक्रेन जंग, महंगाई, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और चीन में कोरोना के मामले में बढ़ोतरी से नया साल ग्लोबल इकॉनमी के लिए मुश्किलों से भरा रह सकता है। यही वजह है कि कंपनियों ने अभी से अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
नया साल आते ही मंदी (recession) की आहट भी तेज होने लगी है। इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (IMF) की चीफ क्रिस्टालीना जॉर्जीवा (Kristalina Georgieva) ने हाल में चेतावनी दी थी कि इस साल एक तिहाई दुनिया मंदी की चपेट में होगी। अमेरिका (US), यूरोपियन यूनियन (EU) और चीन (China) के लिए यह साल बहुत मुश्किल रहने वाला है। यूक्रेन जंग, महंगाई, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और चीन में कोरोना के मामले में बढ़ोतरी से नया साल ग्लोबल इकॉनमी के लिए मुश्किलों से भरा रह सकता है। यही वजह है कि कंपनियों ने अभी से अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
डिजिटल बैंकिंग स्टार्टअप Chime Financial Inc. ने अपने स्टाफ की संख्या में 12 फीसदी कटौती की घोषणा की है। यानी कुल 160 लोग प्रभावित होंगे। इसी तरह Cisco Systems Inc. ने रिस्ट्रक्चरिंग करनी शुरू कर दी है। इससे कंपनी के पांच फीसदी कर्मचारी प्रभावित होंगे। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Coinbase ने पिछले साल 18 फीसदी कटौती करने की घोषणा की थी। यानी करीब 1200 कर्मचारी प्रभावित होंगे। Dapper Labs Inc के सीईओ ने 22 फीसदी कर्मचारियों को निकालने की घोषणा की है। Digital Currency Group ने हाल में 10 कर्मचारियों को निकाला है। इसी तरह DoorDash Inc. ने 1250 कर्मचारियों को निकालने जा रही है। इसमें अमेरिका और दूसरे देशों के कर्मचारी शामिल हैं। क्रिप्टो फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Galaxy Digital भी 20 फीसदी वर्कफोर्स को निकालने पर विचार कर रही है।
नई दिल्ली: इनकम टैक्स विभाग ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स (CII) बढ़ा दिया है। इसका इस्तेमाल जमीन-जायदाद (प्रॉपर्टी), शेयर और गहने बेचने पर होने वाले…
नई दिल्ली: सैटकॉम के क्षेत्र में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को कड़ी टक्कर मिलने वाली है। स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe ने रिलायंस जियो के लगभग 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO)…
नई दिल्ली: यह कहानी है मुंबई के रहने वाले अमन सेन की। उन्होंने लीक से हटकर अपना खुद का रास्ता बनाया। कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर उन्होंने कारोबार…
नई दिल्ली: देश में जल्दी ही प्लास्टिक के नोट देखने को मिल सकते हैं। आरबीआई ने नोटों की छपाई के लिए ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट शीटों के निर्माण तथा आपूर्ति के…
कानपुर: कानपुर का अपना पराग मिल्क ब्रैंड जल्द ही आम लोगों के घरों में दोबारा दस्तक देगा। नैशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने मदर डेयरी ब्रैंड से 2019 से तैयार मिल्क…
नई दिल्ली: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजार आज तेजी के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 250 अंक से अधिक उछल गया जबकि नेशनल स्टॉक…
नई दिल्ली: रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका के प्रस्तावित टैरिफ से ग्लोबल ऑयल मार्केट में नई अस्थिरता आ सकती है। लेकिन, सीमित अतिरिक्त प्रोडक्शन क्षमता और जारी…