वंदे भारत से चार कदम आगे, बुलेट ट्रेन बनेगी भारत में ही
Updated on
17-04-2024 01:11 PM
नई दिल्ली: बुलेट ट्रेन (Bullet Train) का सपना तो बड़ा है। लेकिन इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और बुलेट ट्रेन सेट खरीदने में काफी पैसे खर्चने होते हैं। लेकिन अपने यहां तो सब चीजों का जुगाड़ चलता है। यही जुगाड़ बुलेट ट्रेन बनाने में भी हो रहा है। विदेशों से महंगा बुलेट ट्रेन नहीं खरीदना पड़े, इसके लिए होम मेड बुलेट ट्रेन की तैयारी शुरू हो गई है। भारत में बने बुलेट ट्रेन की रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक होगी।
काम शुरू हो गया है
हमारे सहयोगी ईटी ने एक शीर्ष सरकारी अधिकारी के हवाले से खबर दी है कि भारत ने एक घरेलू निर्मित बुलेट ट्रेन पर काम शुरू कर दिया है। इसकी गति 250 किलोमीटर प्रति घंटे (किमी प्रति घंटे) से अधिक होगी। अधिकारी ने बताया कि यह भारतीय रेलवे पर अब चलने वाली सभी ट्रेनों से तेज होगी।
वंदे भारत के प्लेटफार्म पर बनेगा
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया "इसे वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर बनाया जा रहा है जो पहले से ही 220 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति पकड़ सकता है।" मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन की डिजाइन भारतीय रेलवे की चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वैश्विक स्तर पर चर्चित फ्रेंच टीजीवी और जापानी शिंकानसेन जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें 250 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से दौड़ती हैं।
निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन की जापान से मिली है तकनीक
अहमदाबाद से मुंबई के बीच बन रही लाइन पर चलने वाली बुलेट ट्रेनों के लिए भारत जापानी तकनीक पर निर्भर है। शिंकानसेन E5 श्रृंखला की बुलेट ट्रेनें, जिन्हें भारत इस मार्ग पर तैनात करेगा, 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के लिए लगभग ₹40,000 करोड़ का सॉफ्ट लोन प्रदान कर रही है। कुल परियोजना लागत ₹1.08 लाख करोड़ से अधिक है।
ओरिजिनल ट्रेन से भी तेज पकड़ेगी स्पीड
रेलवे बोर्ड के उक्त अधिकारी के अनुसार, अब तक भारतीय रेलवे ट्रेनों की गति में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने बताया " वंदे भारत ट्रेनों का प्रस्तावित बुलेट वैरिएंट 52 सेकंड में शून्य से 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं, जबकि मौजूदा बुलेट ट्रेनें 54 सेकंड में ऐसा करती हैं।" उल्लेखनीय है कि ICF स्वदेशी रूप से विकसित वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण करता है। भारत में निर्मित बुलेट ट्रेनें उत्तर, दक्षिण, पूर्व गलियारों पर चलेंगी जिनकी हाल ही में घोषणा की गई थी। अधिकारी ने बताया "नए कॉरिडोर में भारतीय तकनीक और घरेलू विनिर्माण का अधिक उपयोग किया जाएगा।"
300 किलोमीटर का काम पूरा
अहमदाबाद से मुंबई के बीच बन रहे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) धरातल पर उतार रहा है। कंपनी ने हाल ही में घोषणा की है कि प्रोजेक्ट 300 किमी का पीयर वर्क का काम पूरा हो चुका है। इस पूरे 508 किमी लंबे हिस्से के लिए भूमि अधिग्रहण का काम बीते जनवरी में ही पूरा हो गया था।
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