गौतम अडानी को अमेरिका से मिली बड़ी जीत! खत्म होंगे धोखाधड़ी के आरोप, इसी हफ्ते आ सकता है फैसला
Updated on
15-05-2026 01:38 PM
नई दिल्ली: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के लिए अमेरिका से बड़ी खबर है। सूत्रों के अनुसार अमेरिकी अधिकारी गौतम अडानी के खिलाफ लगे धोखाधड़ी के आरोपों को सुलझाने और एक साल से अधिक समय से चल रहे इस मामले को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) इसी सप्ताह इन आरोपों को वापस लेने की घोषणा कर सकता है। इसके साथ ही अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) भी नवंबर 2024 में अडानी और अन्य के खिलाफ शुरू किए गए नागरिक धोखाधड़ी (Civil Fraud) के मामले को निपटाने की तैयारी कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
SEC और न्याय विभाग ने आरोप लगाया था कि अडानी ग्रुप ने सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर से अधिक की रिश्वत देने की योजना बनाई थी। साथ ही अमेरिकी निवेशकों और बैंकों से धन जुटाते समय इस योजना को उनसे छुपाया गया था।
अडानी के पक्ष की मजबूत दलीलें
गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी की कानूनी टीम ने अदालत में इन आरोपों का पुरजोर विरोध किया।
वकीलों ने कहा कि कथित रिश्वतखोरी योजना का कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है। दलील दी गई है कि एसईसी के पास इन दोनों व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई का अधिकार नहीं है क्योंकि कथित गतिविधियां पूरी तरह से भारत में हुई थीं।
याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि निवेशकों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। साल 2021 में जारी किए गए बॉन्ड मैच्योर हो चुके हैं और अडानी ग्रीन ने 2024 में निवेशकों को ब्याज सहित पूरा मूलधन लौटा दिया है।
बचाव पक्ष का तर्क है कि यह मामला अमेरिकी कानूनों का अनुचित बाहरी प्रयोग है, क्योंकि बॉन्ड अमेरिका के बाहर जारी किए गए थे और जारी करने वाली इकाई भारतीय है।
अडानी ग्रुप का क्या रहा रुख?
अडानी ग्रुप ने शुरू से ही सभी आरोपों को खारिज किया है। ग्रुप का कहना है कि उनके किसी भी कार्यकारी पर यूएस फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेज एक्ट के तहत आरोप नहीं लगाया गया है। साथ ही, अडानी ग्रीन एनर्जी इस कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।
समाधान की क्या है संभावना?
मामले के जानकारों का कहना है कि जहां न्याय विभाग आरोपों को पूरी तरह से हटा सकता है। वहीं एसईसी के साथ होने वाले समझौते में अडानी ग्रुप को मौद्रिक जुर्माना (Monetary Penalty) देना पड़ सकता है। पिछले महीने एक अमेरिकी जज ने गौतम अडानी की उस याचिका पर सुनवाई की अनुमति दी थी जिसमें एसईसी मामले को खारिज करने की मांग की गई थी।
नई दिल्ली: इनकम टैक्स विभाग ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स (CII) बढ़ा दिया है। इसका इस्तेमाल जमीन-जायदाद (प्रॉपर्टी), शेयर और गहने बेचने पर होने वाले…
नई दिल्ली: सैटकॉम के क्षेत्र में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को कड़ी टक्कर मिलने वाली है। स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe ने रिलायंस जियो के लगभग 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO)…
नई दिल्ली: यह कहानी है मुंबई के रहने वाले अमन सेन की। उन्होंने लीक से हटकर अपना खुद का रास्ता बनाया। कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर उन्होंने कारोबार…
नई दिल्ली: देश में जल्दी ही प्लास्टिक के नोट देखने को मिल सकते हैं। आरबीआई ने नोटों की छपाई के लिए ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट शीटों के निर्माण तथा आपूर्ति के…
कानपुर: कानपुर का अपना पराग मिल्क ब्रैंड जल्द ही आम लोगों के घरों में दोबारा दस्तक देगा। नैशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने मदर डेयरी ब्रैंड से 2019 से तैयार मिल्क…
नई दिल्ली: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजार आज तेजी के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 250 अंक से अधिक उछल गया जबकि नेशनल स्टॉक…
नई दिल्ली: रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका के प्रस्तावित टैरिफ से ग्लोबल ऑयल मार्केट में नई अस्थिरता आ सकती है। लेकिन, सीमित अतिरिक्त प्रोडक्शन क्षमता और जारी…