Select Date:

बजट सत्र में तय हुई आम चुनाव की पिच, बीजेपी के लिए क्‍या है विपक्ष का गेमप्‍लान?

Updated on 10-02-2023 07:11 PM
नई दिल्‍ली: संसद के बजट सत्र में देश की सियासत की दिशा भी साफ दिख रही है। इसमें बीजेपी को घेरने के लिए विपक्ष की बदली रणनीति सामने आई, तो अपने रुख पर टिके रहने की सत्ताधारी दल की मंशा भी। आम चुनाव से करीब एक साल पहले हो रहे सत्र में जहां विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए सावधानी से मुद्दे चुने, वहीं बीजेपी आजमाए हुए पुराने फॉर्म्युले पर टिकी रही। विपक्ष और बीजेपी के बीच चुनावी लड़ाई को अपने मैदान में लाने की यह रस्साकशी अभी जारी रहेगी और 2024 में लोकसभा चुनाव की अंतिम पिच इसी कशमकश के बीच तैयार होगी। बजट सत्र में विपक्ष ने अडाणी ग्रुप के खिलाफ आई अमेरिकी एजेंसी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के आधार पर मोदी सरकार को निशाने पर लेने की रणनीति बनाई। पुरानी गलतियों से सीख लेते हुए इस बार उसने मुद्दे को आम लोगों से भी जोड़ा। आरोप लगाया कि यह मामला पब्लिक की मेहनत से जमा की गई पूंजी से जुड़ा है। इसे बेरोजगारी, महंगाई से भी जोड़ा गया। राहुल गांधी ने भी जब लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया तो विभिन्न क्षेत्रों में हुई गड़बड़ियों से जोड़ते हुए उसके तमाम पहलुओं पर बात की।

रफाल मामले से सबक
कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों को पता है कि पिछले लोकसभा चुनाव से पहले रफाल के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने का उन्हें एक तरह से नुकसान झेलना पड़ा था। वे इसे न तो आम लोगों के सरोकार से जोड़ सके थे, न उनसे कनेक्ट कर पाए। इसका नुकसान यह हुआ कि वे आम लोगों से जुड़े दूसरे मुद्दे उठाने में भी असफल रहे। पिछले लोकसभा चुनाव की गलती से सीख लेते हुए विपक्ष ने अब जो नई रणनीति बनाई है, उससे संकेत मिल रहा है कि वह मुद्दों को भावनात्मक तौर पर पर नहीं बल्कि व्यावहारिक धरातल पर और आम लोगों के चश्मे से उठाएगा। 2019 आम चुनाव में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद जिस तरह उन्होंने इस मुद्दे को उठाया, उसका भी बड़ा सियासी नुकसान इन दलों को हुआ। वे आपसी बातचीत में इसे स्वीकार भी करते हैं। यही कारण है कि हिंदुत्व या राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों से दूरी रखने की भी मंशा अब उनके अंदर साफ दिख रही है।

हालांकि इसे लेकर विपक्ष पर भी सवाल उठे हैं। आरोप लगा कि अल्पसंख्यकों से ये दल दूरी बना रहे हैं, सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर जा रहे हैं। इसके बावजूद विपक्ष इन बातों को नजरअंदाज कर रहा है। यही नहीं, अब विपक्षी दल वक्त रहते अपनी गलतियों को करेक्ट करना भी सीखने लगे हैं। भारत जोड़ो यात्रा के अंतिम चरण में जब कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्वजिय सिंह ने एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए उसका सबूत मांगा तो पार्टी ने बीजेपी के जवाबी हमला करने से पहले ही न सिर्फ उनके बयानों से खुद को अलग किया बल्कि पार्टी के सीनियर नेता के बयान के विरुद्ध स्टैंड भी लिया। कांग्रेस ही नहीं, दूसरे विपक्षी दल भी इसी रास्ते पर चल रहे हैं। कभी अगर उनके नेता ऐसे विवादित बयान देते भी हैं तो ये दल सार्वजनिक तौर पर उस नेता के बयान की आलोचना करने से नहीं हिचकते। लेकिन क्या विपक्ष अगले लोकसभा चुनाव तक अपनी इस पिच पर टिका रहेगा या पहले की तरह अंतिम मौके पर इसे छोड़ देगा।
दूसरी ओर, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लगातार संदेश दिया है कि वह विपक्ष की बदली रणनीति के दबाव में नहीं आएगी। वह आजमाए फॉर्म्युले के अनुरूप ही विरोधी दलों पर हमले करेगी। संसद के अंदर जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पीएम मोदी ने जवाब दिया तो इससे भी वही संकेत मिला। बीजेपी ने हाल के दिनों में एक बड़ा लाभार्थी वर्ग बनाया है। माना गया है कि उज्ज्वला से लेकर फ्री राशन जैसी योजनाओं के जरिए सत्ताधारी पार्टी ने सिर्फ इसी वर्ग से पिछले लोकसभा चुनाव में बीस फीसदी वोट हासिल किए। पार्टी के चुनावी गणित में 20 फीसदी लाभार्थी और 20 फीसदी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के समर्थक वोटर शामिल हैं। इस 40 फीसदी वोट को टागरेट करते हुए ही 2024 में भी पार्टी बड़े जनादेश से लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है। उसी बीस फीसदी कोर वोटरों को लक्ष्य करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वही उनका सुरक्षा कवच हैं। जिन्हें मुफ्त राशन मिलता है, वे सब उनको जानते हैं और उन पर ऐसे आरोपों का कोई असर नहीं होता। लेकिन बीजेपी को पता है कि इस आजमाए फॉर्म्युले पर टिके रहना शायद उतना आसान ना हो।

बीजेपी के तरकश में हैं कई तीर
विपक्ष ने अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर बीजेपी को काउंटर करने के लिए जो नई रणनीति बनाई है, उसके लिए उसने कुछ मुद्दे चुने हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना जैसे मुद्दे को स्थापित करना या महिलाओं को हर महीने पगार देने की लगातार घोषणा इसी का हिस्सा है, जिससे विपक्ष बीजेपी के कोर वोट बैंक में सेंध लगाना चाहता है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में इसी रणनीति के तहत कांग्रेस को कामयाबी मिली।

हालांकि बीजेपी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि अभी अगले एक साल के लिए उसके तरकश में कई तीर हैं, जिनसे वह विपक्ष के सारे दांव नाकाम कर देगी। जी-20 सम्मेलन, राम मंदिर की स्थापना जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी का मानना है कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले ही वह ड्राइविंग सीट पर होगी। हालांकि यह भी सही है कि अगले साल से पहले 9 राज्यों के चुनाव परिणाम भी आ जाएंगे। इसके अलावा कई मुद्दे अचानक भी आ जाते हैं। इसलिए आम चुनावों से पहले फिलहाल राजनीति की कोई दिशा अंतिम नहीं कही जा सकती।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 July 2026
नई दिल्ली, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़…
 23 July 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक एडवोकेट कपल का सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ने दावा किया है कि करीब एक साल से उन्हें शादियों और अंतिम संस्कार…
 23 July 2026
जालौन: यूपी के चर्चित आईएएस अफसर रिंकू सिंह इस बार मुश्किल में हैं। जालौन में न्‍यायिक उप जिलाधिकारी पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राठी और ब्‍लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन…
 23 July 2026
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामियों की जमीनों के अवैध कब्जे और शोषण के मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख…
 23 July 2026
अहमदाबाद: 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री और अब पिछले 12 साल से प्रधानमंत्री के बड़े दायित्व को संभाल रहे नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज पर खुद नजर रखते हैं।…
 23 July 2026
पटना: बिहार में दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट छात्र और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर माहौल गरम है। पटना में भी उसी तर्ज पर बुधवार को छात्रों ने…
 22 July 2026
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…
 22 July 2026
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने…
 22 July 2026
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा…
Advt.