- 2021 ओलिंपिक खेल
- 2023 विश्व चैंपियनशिप
- 2022 हीरा लीग
- 2018 एशियाई खेल
- 2018 राष्ट्रमंडल खेल
- 2017 एशियाई चैंपियनशिप
- 2016 दक्षिण एशियाई खेल
- 2016 विश्व जूनियर चैंपियनशिप
बारटोनिएट्ज ने नीरज को कोचिंग देने के दौरान एक सिंपल लॉजिक को फॉलो किया है। वह अमेरिकी राष्ट्रीय फुटबॉल लीग (एनएफएल) के कोच विंस लोम्बार्डी के एक प्रसिद्ध कहावत में विश्वास करते हैं, जो अपने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान सिर्फ अभ्यास नहीं करवाता है, बल्कि सही अभ्यास करवाता है, जो सिर्फ किसी एक वजह से नहीं होती। बारटोनिएट्ज नीरज को प्रशिक्षण देने में घंटों नहीं लगाते हैं, बल्कि भाला फेंकने की स्किल की कोचिंग, बेस्ट डाइड, तकनीकी बदलाव और स्पोर्ट्स साइंस का सही इस्तेमाल पर ध्यान देते हैं। साथ ही इस बात का ध्यान रखते हैं कि किस तरह से भारत के पोस्टर बॉय को चोटिल होने से बचाया जा सके।
नीरज ने अपने बचपन से कई कोचों से प्रशिक्षण लिया है। जयवीर सिंह, नसीम अहमद, काशीनाथ नाइक, वर्नर डेनियल्स, गैरी कैल्वर्ट और होन, लेकिन बारटोनिएट्ज का नीरज पर असाधारण प्रभाव पड़ा है। यही वजह है कि कोच का अनुबंध 2024 के पेरिस ओलिंपिक तक बढ़ा दिया गया है। हाल ही में बारटोनिएट्ज ने कहा था- नीरज मेहनती, फोकस्ड, अनुशासित, दृढ़ निश्चयी और पॉजिटिव हैं। ये वो चीजें हैं जो एक विश्व स्तरीय एथलीट में चाहिए और यही नीरज को भाला फेंक में विश्व विजेता बनाता है। उनकी कोशिश होती है कि जो भी करें सबसे बेहतर हो।