गोल्ड इम्पोर्ट ऑल टाइम हाई पर, एक्सपोर्ट में भारी गिरावट, व्यापार घाटा नए रेकॉर्ड के करीब
Updated on
18-09-2024 03:39 PM
नई दिल्ली: भारत का व्यापार घाटा अगस्त में रेकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया। सोने की खेप में उछाल से मासिक आयात में 3.4% की तेजी आई और यह $64.4 अरब के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच। दूसरी ओर निर्यात 9.4% घटकर $34.7 अरब रह गया। वाणिज्य विभाग ने मंगलवार को कहा कि सोने का आयात दोगुना से अधिक बढ़कर $10 अरब से अधिक के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इससे अगस्त में कुल आयात बढ़कर $64.36 अरब हो गया जो जून 2022 में $64.35 अरब के पिछले रेकॉर्ड से थोड़ा अधिक है। जुलाई में पेश बजट में सोने पर आयात शुल्क 15 फीसदी से घटाकर छह फीसदी कर दिया गया था।
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हाई प्राइस, सीमा शुल्क में कमी और त्यौहारी सीजन से पहले स्टॉकिंग के कारण आयात में बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक उच्च टैरिफ के कारण पहले देश में तस्करी से काफी सोना आता था। अब इसका कुछ हिस्सा अब कानूनी तरीकों से आ रहा है। इस कारण व्यापार घाटा बढ़कर 29.7 अरब डॉलर हो गया। पिछले साल अक्टूबर में यह रेकॉर्ड 30.4 अरब डॉलर रहा था। बर्थवाल ने कहा कि यह एक उभरती हुई बाजार अर्थव्यवस्था के लिए यह चिंता का विषय नहीं है। एक ऐसी इकॉनमी से भारी खपत मांग आ रही है जो ग्लोबल इकॉनमी से दोगुनी रफ्तार से बढ़ रही है।
क्यों गिरा एक्सपोर्ट
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे निर्यात बढ़ता है और आप ग्लोबल वैल्यू चेन में शामिल होते हैं। आपको एक्सपोर्ट करने के लिए कुछ चीजों का आयात करना पड़ता है। जहां तक विदेशी मुद्रा भंडार की बात है, तो ये पूरी तरह से सामान्य है। निर्यात में गिरावट मुख्य रूप से तेल की कीमतों में गिरावट के साथ-साथ रत्न और आभूषणों की कम मांग और चावल के निर्यात की वजह से हुई है, जिसे सरकार द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है। जुलाई 2023 के बाद से निर्यात में सबसे तेज गिरावट आई है। तब एक्सपोर्ट में 9.9% की गिरावट आई थी।
कच्चे तेल की कम कीमतों से आयात 32% घटकर 11 अरब डॉलर रह गया, जबकि पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात लगभग 38% घटकर 6 अरब डॉलर रह गया। बर्थवाल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति निर्यात के लिए एक बड़ी चुनौती है। वैश्विक स्तर पर काले बादलों के बावजूद, भारत एक ब्राइट स्पॉट है। कई देशों में आयात में गिरावट देखी गई है, जिसका असर निर्यात पर पड़ रहा है। अमेरिका और यूरोप में मांग कमजोर बनी हुई है, जबकि चीन मंदी के दौर से गुजर रहा है।
सर्विसेज के मोर्चे पर गुड न्यूज
फियो के प्रेजिडेंट अश्विनी कुमार ने कहा कि व्यापार में व्यवधान के कारण निर्यात प्रभावित हुआ है। इनमें शिपिंग स्पेस की कमी, अनियमित शिपिंग शेड्यूल, जहाजों के भारतीय बंदरगाहों पर आने से बचने जैसी लॉजिस्टिक्स चुनौतियों के कारण और कमोडिटी की कीमतों में गिरावट से निर्यात पर असर हुआ है। हालांकि सर्विसेज का एक्सपोर्ट सरकार के लिए राहत की बात है। इसका निर्यात 7% बढ़कर 30.7 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात करीब 4% बढ़कर 15.7 अरब डॉलर रहा।
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