बाप रे इतनी अमीर ! हजारों करोड़ की नेट वर्थ से लाइमलाइट में आईं, कौन हैं AIADMK प्रत्याशी लीमा रोज?
Updated on
07-04-2026 12:22 PM
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ 25वां संशोधन लागू करने की मांग हो रही है। ट्रंप ने ईस्टर की सुबह ईरान को टारगेट करते हुए अपशब्दों से भरा एक पोस्ट ट्रुथ सोशल पर किया था। इसके बाद अमेरिकी लॉमेकर्स उनके खिलाफ 25वां अमेंडमेंट लागू करने की मांग कर रहे है। अमेरिकी कांग्रेस के लोगों का कहना है कि ट्रंप शायद मानसिक तौर पर ठीक नहीं हैं। अब खुले तौर पर यह बहस हो रही है कि क्या ट्रंप को 25वें संशोधन के तहत पद से हटाया जा सकता है। खासतौर पर डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी और सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया है।
विवादित धारा 25वें संशोधन की सबसे विवादित धारा 4 है। इसका इस्तेमाल अब तक किसी मौजूदा राष्ट्रपति को हटाने के लिए नहीं किया गया है। यदि उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के सदस्य यह औपचारिक रूप से घोषित करते हैं कि राष्ट्रपति अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं हैं, तो उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति बन सकते हैं। हालांकि, यह प्रक्रिया काफी जटिल है। यदि राष्ट्रपति खुद को सक्षम बताते हैं और उपराष्ट्रपति व कैबिनेट असहमत होते हैं, तो फैसला बहुमत से होता है।
क्या डोनाल्ड ट्रंप हटेंगे?
ध्यान देने वाली बात यह है कि धारा 4 का उपयोग अब तक किसी राष्ट्रपति को उनकी इच्छा के विरुद्ध हटाने के लिए नहीं किया गया है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से अस्थायी तौर पर शक्तियां सौंपने के संदर्भ में ही हुआ है। वर्तमान स्थिति में, भले ही डेमोक्रेटिक नेता ट्रंप को हटाने को लेकर बयान दे रहे हों, लेकिन न तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और न ही कैबिनेट के अन्य सदस्यों की ओर से ऐसा कोई संकेत मिला है।
25वां संशोधन क्या है?
अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निधन, पद से हटाए जाने, इस्तीफे या असमर्थता की स्थिति में उत्तराधिकार की प्रक्रिया तय करता है। इसकी धारा 1 के अनुसार, यदि राष्ट्रपति को पद से हटा दिया जाता है, उनकी मृत्यु हो जाती है या वे इस्तीफा दे देते है, तो उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति बन जाते हैं। धारा 2 उपराष्ट्रपति के पद के खाली होने पर लागू होती है, जिसमें राष्ट्रपति किसी व्यक्ति को नामित करते हैं और उसे कांग्रेस की मजूरी लेनी होती है। धारा 3 के तहत राष्ट्रपति अपनी इच्छा से अस्थायी रूप से अपनी शक्तिया उपराष्ट्रपति को सौंप सकते हैं।
क्या है इतिहास?
25वां संशोधन 1967 में राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी की हत्या के बाद लाया गया था, जब उत्तराधिकार को लेकर भ्रम पैदा हुआ था। पहला उपयोग 1973 में हुआ, जब राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने उपराष्ट्रपति स्पाइरो एग्न्यू के के इस्तीफे के बाद जेराल्ड फोर्ड को नामित किया। इसके एक साल बाद निक्सन के इस्तीफे के बाद फोर्ड राष्ट्रपति बने, तब भी धारा 1 लागू हुई। रोनाल्ड रीगन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और जो बाइडेन ने धारा 3 का इस्तेमाल किया है।
ढाका: बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि भारत से शेख हसीना का लौटना काफी हद तक नरेंद्र मोदी सरकार के सहयोग पर निर्भर करेगा। तारिक रहमान सरकार में विदेश राज्य…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने पीओके में प्रदर्शनकारियों को उनकी कश्मीरी पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने का बचाव किया है। पाकिस्तान के…
इस्लामाबाद: मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज के नेतृत्व वाली सरकार की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने अपने सिंचाई विभाग…
हेग: भारत ने इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थाई सीट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। लेकिन दूसरी तरफ UN सिस्टम में उसकी मौजूदगी का एक…
न्यूयॉर्क/इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में गुहार लगाते हुए कहा है कि भारत के सिंधु जल संधि सस्पेंड करने से देश के 24 करोड़ लोगों की जिंदगी खतरे में है।…
इस्लामाबाद/बीजिंग: चीन की कड़ी चेतावनी के बाद पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में सीपीईसी प्रोजेक्ट की सुरक्षा में पूरी ताकत झोंक दी है। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा है कि वो बलूचिस्तान…
रोम: इटली की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी मूल की समन अब्बास की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए माता-पिता समेत परिवार के 4 सदस्यों की उम्रकैद की सजा को…