नई दिल्ली । सरकार ने कच्चे पाम तेल के प्रभावी सीमा शुल्क को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। जिससे खाने के तेलों की कीमतों को कम करने में मदद मिलेगी। एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया कि कच्चे पाम तेल पर अब पांच प्रतिशत का कृषि अवसंरचना विकास उपकर लगेगा, जो अब तक 7.5 प्रतिशत था। इस कटौती के बाद कच्चे पाम तेल पर प्रभावी सीमा शुल्क 8.25 प्रतिशत की जगह 5.5 प्रतिशत रह जाएगा। कारोबारियों ने बताया कि इस कटौती से कीमतों में प्रति क्विंटल 280 रुपए की कमी आ सकती है। सरकार ने इससे पहले अक्टूबर 2021 में भी खाद्य तेल के आयात शुल्क में कटौती की थी। भारत अपनी 60 प्रतिशत से अधिक खाद्य तेल जरूरतों को आयात के माध्यम से पूरा करता है। इंडोनेशिया और मलेशिया भारत को आरबीडी पामोलिन और कच्चे पाम तेल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं।
नई दिल्ली: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजार आज तेजी के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 250 अंक से अधिक उछल गया जबकि नेशनल स्टॉक…
नई दिल्ली: रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका के प्रस्तावित टैरिफ से ग्लोबल ऑयल मार्केट में नई अस्थिरता आ सकती है। लेकिन, सीमित अतिरिक्त प्रोडक्शन क्षमता और जारी…
नई दिल्ली: अमेरिका के एनर्जी इंर्फोमेशन एडमिनिस्ट्रेशन (U.S. Energy Information Administration) ने बीते 10 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह की रिपोर्ट दे दी है। इसके मुताबिक अब अमेरकिा में क्रूड…
नई दिल्ली: रविंद्र जी. बेंगलुरु के रहने वाले हैं। पहले वह फार्मास्युटिकल प्रोफेशनल रहे हैं। साल 2014 में वीजा की दिक्कतों के कारण उनकी जमी-जमाई नौकरी छूट गई। वह चार…
नई दिल्ली: आखिरकार आईडीबीआई बैंक में सरकारी हिस्सेदारी बेचने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स के ऑफर को मंजूरी दे दी है। सूत्रों…
नई दिल्ली: भारत और यूके के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आज से लागू हो रहा है। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए बांग्लादेश और चीन के मुकाबले बेहतर स्थिति…