महंगाई को थामने को सरकार का बड़ा फैसला, इस जरूरी चीज पर कस्टम ड्यूटी घटा कर आधा किया
Updated on
31-05-2025 02:41 PM
नई दिल्ली: भारत सरकार ने खाना पकाने के तेल (Edible Oil) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कच्चे पाम ऑयल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल (crude palm oil, crude soyabean oil, and crude sunflower oil) पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी (Basic Duty) को घटा का आधा कर दिया है। पहले यह ड्यूटी 20% थी, जिसे अब घटाकर 10% कर दिया गया है। यह बदलाव आज से लागू हो गया है। कस्टम ड्यूटी की यह कटौती अगले एक साल तक के लिए है।
वित्त मंत्रालय से जारी हुआ नोटिफिकेशन
केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाले सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (Central Board of Indirect Taxes and Customs) ने इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया है। यह नया नियम 31 मई से लागू हो गया है। पिछले साल सितंबर में सरकार ने तिलहनी फसल Oilseed की खेती करने वाले किसानों को मदद करने के नाम पर खाना पकाने के तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी बढ़ा दिया था।
बाजार में कीमतें होंगी कम
इस समय बाजार में पाम ऑयल, सोयाबीन का तेल और सूरजमुखी के तेल का दाम काफी बढ़ा हुआ है। इसी वजह से घरेलू सरसों तेल का भी दाम उछल गया है। जाहिर है कि सरकार के इस कदम से सरकार का यह कदम घरेलू मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है। साथ ही इससे आयातित खाद्य तेलों का आयात भी बढ़ेगा। साथ ही, खाने के तेल की कीमतें कम होंगी, जिससे महंगाई को काबू करने में मदद मिलेगी।
उद्योग ने किया स्वागत
इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (Indian Vegetable Oil Producers’ Association) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि IVPA सरकार के इस फैसले का स्वागत करता है जिसमें कच्चे खाद्य तेल पर बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। लेकिन रिफाइंड तेल पर ड्यूटी 35.25% पर ही रखी गई है। सुधाकर देसाई ने आगे कहा, "हम सरकार को IVPA की इस सिफारिश को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद देते हैं कि कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेल के बीच ड्यूटी का अंतर 19.25% तक बढ़ाया जाए।" उन्होंने इसे "मेक इन इंडिया" को सुनिश्चित करने और वेजिटेबल ऑयल सेक्टर को रिफाइंड तेलों के influx से बचाने की दिशा में एक साहसिक कदम बताया।
घटा है तिलहनी फसलों का उत्पादन
डायरेक्टरेट ऑफ ऑयलसीड्स डेवलपमेंट (Directorate of Oilseeds Development) के आंकड़ों के अनुसार, FY24 में भारत ने कुल 39.7 मिलियन टन (MT) ऑयलसीड का उत्पादन किया। जबकि FY23 में यह आंकड़ा 41.4 MT था। FY22 में यह 38 MT, FY21 में 35.9 MT और FY20 में 33.2 MT था।
बढ़ रहा है आयात
IVPA के आंकड़ों के अनुसार, जून-सितंबर 2024 के दौरान रिफाइंड पाम ऑयल का आयात 4.58 लाख MT से बढ़कर अक्टूबर 2024-फरवरी 2025 की अवधि में 8.24 लाख MT हो गया। यह कुल पाम तेल आयात का लगभग 30% है। इसके अतिरिक्त, SAFTA प्रावधानों के तहत जीरो ड्यूटी के कारण, पड़ोसी देशों को रिफाइंड तेल पर भारी ड्यूटी का फायदा मिल रहा था, जिससे भारतीय बाजार में रिफाइंड तेल की बाढ़ आ गई थी।
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