क्या DDA अपने घाटे को प्रॉफिट में बदल पाएगा?
डीडीए ने सुपर लग्जरी फ्लैट में रेवेन्यू कमाने का एक मौका देखा है। पहली बार इन फ्लैट्स के लिए ई-ऑक्शन किया जा रहा है। दरअसल डीडीए के फ्लैट्स लंबे समय से बिक नहीं रहे हैं। इसकी वजह से डीडीए की आर्थिक हालत भी कमजोर हो रही है। 2022 में एलजी वी. के. सक्सेना ने ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि 2019-20 से 2021-22 के दौरान डीडीए की आमदनी 3,578.69 करोड़ की है। वहीं, कुल खर्च 6,787.83 करोड़ का है। यानी डीडीए 3209.14 करोड़ के घाटे में हैं। इतना ही नहीं 2016-17 से 2021-22 के दौरान डीडीए पर 8915 करोड़ की लोन देनदारी भी है। ट्वीट में लिखा गया कि डीडीए राजधानी के सबसे महंगे और बड़े रियल एस्टेट का मालिक है, लेकिन कुप्रबंधन की वजह से उसके आर्थिक हालात खराब हो गए हैं। इसके बाद से डीडीए ने फ्लैट्स का बैकलॉग क्लीयर करने के लिए कई नए तरीके अपनाए हैं। इनमें डीडीए को कुछ सफलता भी मिली है। हाल ही में डीडीए ने फ्लैट्स की मांग बढ़ाने के लिए कंसलटेंट भी रखा है, जो डीडीए को हाउसिंग स्कीम को सफल बनाने का एजेंडा देगा।
