गुड़गांव की कंपनी प्लांट लगाएगी ओमान में, निर्यात होगा यूरोप और अमेरिका में, जान लीजिए पूरा प्लान
Updated on
09-04-2024 02:59 PM
नई दिल्ली: अक्षय ऊर्जा और लिक्विड आर्गेनिक हाइड्रोजन कैरियर्स (LOHC) क्षेत्र में काम करने वाला देश का एक अग्रणी फर्म है एक्मे ग्रुप (ACME Group)। यह अब अमोनिया और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में बड़ी शुरुआत करने वाला है। इसने जर्मनी की कंपनी हाइड्रोजेनियस एलओएचसी टेक्नोलॉजीज (Hydrogenious LOHC Technologies) से हाथ मिलाया है। इसकी योजना ओमान में अमोनिया एवं ग्रीन हाइड्रोजन का प्लांट लगाने की है। वहां बने ग्रीन हाइड्रोजन की सप्लाई यूरोपीय और अमेरिकी बाजार में होगी।
एमओयू पर हुआ हस्ताक्षर
कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार एक्मे ग्रुप का जर्मन फर्म हाइड्रोजेनियस एलओएचसी टेक्नोलॉजीज से एक रणनीतिक सहयोग के लिए एमओयू हो गया है। इस एमओयू के तहत, दोनों संगठन संयुक्त रूप से हाइड्रोजेनियस की अभिनव एलओएचसी तकनीक का लाभ उठाते हुए ओमान में प्लांट लगाएंगे। इसके साथ ही यूरोपीय देशों में बड़े पैमाने पर हाइड्रोजन की सप्लाई के लिए फीजिबिलिटी स्टडी भी करने का प्रावधान है। इस साझेदारी के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में भी ग्रीन हाइड्रोजन की आपूर्ति पर काम होगा।
ओमान ही क्यों चुना गया
ओमान प्रचुर मात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों की उपस्थित हैं। इनमें सौर और तटवर्ती पवन ऊर्जा शामिल हैं। इसी के साथ अमेरिकी मुद्रास्फीति कटौती अधिनियम US Inflation Reduction Act प्रतिस्पर्धी हाइड्रोजन उत्पादन लागत को बढ़ावा देते हुए उत्पादन प्रोत्साहन production incentives प्रदान करता है। ओमान में एक्मे द्वारा उत्पादित ग्रीन हाइड्रोजन को एलओएचसी में कुशलतापूर्वक संग्रहित किया जा सकता है और टैंकर द्वारा यूरोप तक पहुंचाया जा सकता है।
ग्रीन हाड्रोजन में है प्रचुर अवसर
एक्मे ग्रुप के प्रेसिडेंट और डायरेक्टर अश्वनी डुडेजा का कहना है कि ग्रीन हाइड्रोजन एक परिवर्तनकारी अवसर के रूप में उभर रहा है। यह डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वैश्विक ऊर्जा प्रणालियों को दोबारा आकार देने में सक्षम है। जर्मन कंपनी हाइड्रोजेनियस के साथ साझेदारी करने का उनका निर्णय ग्राहकों के लिए कॉस्ट इफेक्टिव मूल्य प्रस्ताव प्रदान करने में एक रणनीतिक कदम का प्रतिनिधित्व करता है।
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