नई दिल्ली: वकील लक्ष्मण चन्द्र विक्टोरिया गौरी की मद्रास हाई कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति पर विवाद हो रहा है। उनके बीजेपी से जुड़ाव को लेकर नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका डाली गई है जिस पर मंगलवार को अहम सुनवाई होने वाली है। इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट बार के 21 वकीलों ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को खत लिखकर विक्टोरिया की नियुक्ति की सिफारिश रद्द करने की मांग की थी। तो क्या उनकी नियुक्ति रद्द हो सकती है? वैसे न्यायिक इतिहास में एक बार ऐसा हो चुका है जब हाई कोर्ट में जज की नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया था। 30 साल ऐसा हुआ था, जिसमें हाई कोर्ट के जस्टिस की नियुक्ति के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को रद्द कर दिया। तब सुप्रीम कोर्ट के सामने अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया गया था कि ऐडवोकेट केएन श्रीवास्तव के खिलाफ करप्शन का आरोप है और हाई कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति के लिए वह पात्रता नहीं रखते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति को खारिज कर दिया था।