Select Date:

शिवसेना के बंटवारे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, कहां फंसा है पेच?

Updated on 14-02-2023 06:07 PM
नई दिल्ली: शिवसेना के विभाजन से महाराष्ट्र में पैदा हुए राजनीतिक संकट से जुड़ी याचिकाओं पर आज से सुप्रीम कोर्ट सुनवाई शुरू करेगा। इसमें दो गुट शामिल हैं। एक खेमा उद्धव ठाकरे का है। दूसरा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का। दोनों की ओर से दायर याचिकाओं के बैच की सुनवाई को 14 फरवरी के लिए स्‍थगित कर दिया गया था। पांच जजों की पीठ इसकी सुनवाई करेगी। इनमें चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ सहित जस्टिस एमआर शाह, कृष्ण मुरारी, हिमा कोहली और पीएस नरसिम्हा शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी अदालत सबसे पहले दलीलें सुनकर यह तय करेगी कि सुनवाई सात जजों की पीठ को भेजें या फिर इसकी सुनवाई पांच जजों की पीठ करे।

सुप्रीम कोर्ट में उद्धव गुट की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए थे। उन्‍होंने कहा था कि वह नबाम रेबिया जजमेंट केस में दलील पेश करेंगे। उन्‍होंने गुहार लगाई थी कि मामले को सात जजों की बेंच को रेफर किया जाना चाहिए। इसके पहले भी सुनवाई के दौरान सिब्बल ने कहा था कि मामले को सात जजों को रेफर किया जाना चाहिए।
नबाम रेब‍िया केस में क्‍या आया था फैसला?
2016 में पांच जजों की संविधान पीठ ने नबाम रेबिया मामले पर फैसला दिया था। उसमें उसने कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष विधायकों की अयोग्यता की याचिका पर आगे नहीं बढ़ सकते हैं, यदि स्पीकर को हटाने की पूर्व सूचना सदन में लंबित है। दूसरे शब्‍दों में कहें तो स्पीकर तब अयोग्यता की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ा सकता है जब स्पीकर को हटाने के लिए कोई प्रस्ताव पेंडिंग हो। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि यह पांच जजों की बेंच तय करेगी कि मामले को क्‍या सात जजों को भेजा जाना चाहिए?
पूरे मामले में अब तक क्‍या हुआ?
इसके पहले महाराष्ट्र सियासी संकट से उपजे सवालों पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने मामले को संवैधानिक बेंच को रेफर किया था। सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस एनवी रमण की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने 23 अगस्त 2022 को इस संबंध में अपना फैसला सुनाया था। बेंच ने तब कहा था कि संवैधानिक बेंच जरूरी मुद्दे को तय करेगा कि स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का अधिकार क्या है। खासकर तब जब उनके खिलाफ कार्रवाई लंबित हो।

पिछले साल शिवसेना विधायक शिंदे और 39 अन्य विधायकों ने पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ बगावत की थी। इसके बाद राज्य में ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी। इसमें शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस शामिल थीं। इसके बाद ठाकरे के नेतृत्व में एक गुट और शिंदे की अगुआई में दूसरा खेमा बन गया।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 July 2026
नई दिल्ली, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़…
 23 July 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक एडवोकेट कपल का सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ने दावा किया है कि करीब एक साल से उन्हें शादियों और अंतिम संस्कार…
 23 July 2026
जालौन: यूपी के चर्चित आईएएस अफसर रिंकू सिंह इस बार मुश्किल में हैं। जालौन में न्‍यायिक उप जिलाधिकारी पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राठी और ब्‍लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन…
 23 July 2026
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामियों की जमीनों के अवैध कब्जे और शोषण के मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख…
 23 July 2026
अहमदाबाद: 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री और अब पिछले 12 साल से प्रधानमंत्री के बड़े दायित्व को संभाल रहे नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज पर खुद नजर रखते हैं।…
 23 July 2026
पटना: बिहार में दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट छात्र और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर माहौल गरम है। पटना में भी उसी तर्ज पर बुधवार को छात्रों ने…
 22 July 2026
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…
 22 July 2026
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने…
 22 July 2026
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा…
Advt.