अनिल अंबानी की कंपनी को खरीदने में हिंदुजा ग्रुप के छूटे पसीने, NCLT से मांगा और टाइम
Updated on
13-06-2024 02:53 PM
नई दिल्ली: कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कंपनी रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) को खरीदने के लिए हिंदुजा ग्रुप (Hinduja Group) को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रुप ने एनसीएलटी में एक आवेदन देकर लेंडर्स को अंतिम भुगतान करने के लिए और समय मांगा है। हिंदुजा ग्रुप की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIHL) ने अक्टूबर 2023 में रिलायंस कैपिटल के लिए ₹9,850 करोड़ की सबसे बड़ी बोली लगाई थी। IIHL को इस अधिग्रहण को पूरा करने के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटर समेत सभी अहम मंजूरियां मिल चुकी हैं। रिलायंस कैपिटल की इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग को पूरा करने और भुगतान करने की समय सीमा 27 मई थी। हिंदुजा ग्रुप का कहना है कि डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड से विदेशी निवेश के लिए मंजूरी मिलने में देरी हुई है, इसलिए उसे इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए और समय चाहिए।रिलायंस कैपिटल के लेंडर्स का आरोप था कि आईआईएचएल द्वारा आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने में विफलता का खामियाजा कॉरपोरेट देनदार और उसके वित्तीय लेनदारों को नहीं उठाना चाहिए। मंजूरी मिलने में देरी पूरी तरह से आईआईएचएल के आचरण के कारण है। आईआईएचएल ने अपने आवेदन में दावा किया है कि सभी मंजूरियां प्राप्त करना उसकी अकेले की जिम्मेदारी नहीं है, क्योंकि अधिकांश मंजूरियों के लिए प्रशासक या कॉर्पोरेट देनदार की परिचालन सहायक या सहयोगी कंपनियों के माध्यम से आवेदन करना आवश्यक है, इसलिए यह ग्रुप के हाथ में नहीं है। ₹2,750 करोड़ की इक्विटी निवेश के बारे में आवेदन में कहा गया है कि ग्रुप ने अपने ऑडिटर्स डी एंड जी एसोसिएट्स एलएलपी के जरिए एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि ग्रुप इक्विटी पूंजी निवेश करने के अपने दायित्व को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है।
कितना है कर्ज
कंपनी ने कहा कि सर्टिफिकेट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इक्विटी भागीदारी के लिए $300 मिलियन (लगभग ₹2,500 करोड़) की धनराशि निर्धारित की गई है। आवेदक के निदेशक मंडल द्वारा पारित प्रस्ताव द्वारा भी इसका समर्थन किया गया। रिलायंस कैपिटल में करीब 20 फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां हैं। इनमें सिक्योरिटीज ब्रोकिंग, इंश्योरेंस और एक एआरसी शामिल है। आरबीआई ने भारी कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को 30 नवंबर 2021 को भंग कर दिया था और इसके खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग शुरू की थी। रिलायंस कैपिटल पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…