100 साल से भी पुराना इतिहास, रिलायंस के बराबर मार्केट कैप... कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी की कहानी
Updated on
30-04-2024 04:39 PM
नई दिल्ली: दुनिया की टॉप दवा कंपनियों में शामिल एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) के एक खुलासे से दुनियाभर में हड़कंप मचा हुआ है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि उसकी कोरोना वैक्सीन से टीटीएस जैसे दुर्लभ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। टीटीएस यानी Thrombosis with Thrombocytopenia Syndrome से शरीर में खून का थक्का बन सकता है। इस सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति को स्ट्रोक और हृदयगति थमने जैसी दिल की कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। एस्ट्राजेनेका का इतिहास 100 साल से भी पुराना है लेकिन यह कंपनी कोरोना काल में सुर्खियों में आई थी। उस दौरन कंपनी ने इसकी एक वैक्सीन को तैयार किया था। भारत में अडार पूनावाला के सीरम इंस्टीट्यूट ने एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड तैयार की थी। देश में कई लोगों को यह वैक्सीन लगाई गई थी।
साल 1999 में स्वीडन की एस्ट्रा एबी और ब्रिटेन की जेनेका पीएलसी के मर्जर से एस्ट्राजेनेका का गठन हुआ था। एस्ट्रा एबी की स्थापना 1913 में स्वीडन में डॉक्टरों के एक ग्रुप ने की थी। जेनेका की शुरुआत 1926 में इम्पीरियल केमिकल इंडस्ट्रीज (ICI) के रूप में हुई थी। कई साल तक यह ब्रिटेन की टॉप दवा कंपनियों में शामिल रही। 1999 में इन दोनों कंपनियों के मर्जर के बाद एस्ट्राजेनेका का जन्म हुआ। इसके बाद से इस कंपनी ने पिछले 25 साल में दुनियाभर में कई कंपनियों का अधिग्रहण किया है। एस्ट्राजेनेका आज दुनिया की टॉप दवा कंपनियों में शामिल है। इसका मार्केट कैप 234.02 अरब डॉलर है और यह दुनिया की 47वीं बड़ी वैल्यूएबल कंपनी है। भारत की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 239.87 अरब डॉलर के साथ इस लिस्ट में 45वें नंबर पर है।
वैक्सीन से मिली शोहरत
एस्ट्राजेनेका को कोरोना काल में शोहरत मिली। कंपनी ने कोरोना की वैक्सीन विकसित की थी। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कंपनी की वैक्सीन बनाने का लाइसेंस हासिल किया था। भारत में कोविशील्ड के नाम से इस कंपनी की वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया गया। देश के टीकाकरण अभियान में इसे यूज किया गया। साथ ही दुनिया के कई देशों को इसका निर्यात किया गया। ब्रिटेन में कंपनी की वैक्सीन के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। कई परिवारों ने वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स की शिकायत की थी। इनमें जेमी स्कॉट भी शामिल थे टीका लेने के बाद ब्रेन डैमेज के शिकार हुए थे। आखिरकार कंपनी ने साइड इफेक्ट्स की बात स्वीकार की है।
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…